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जांच में खुलासा:नाचना तहसील नं. 2 में 1.21 करोड़ व तहसील नं. 01 में 4 लाख का गबन, चालान घोटाले में दोनों टीआरए दोषी

जैसलमेरएक महीने पहले
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नाचना उपनिवेशन तहसीलों में जमीन आवंटन के प्रकरण की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। भास्कर ने तीन दिन पहले चालान घोटाले का मामला उजागर किया था। नाचना तहसील नं. 01 में सेल रजिस्टर की 15 प्रतिशत जांच में 4.03 लाख और तहसील नं. 02 में सेल रजिस्टर की 30 प्रतिशत जांच में 1.21 करोड़ का गबन सामने आया है। शुरुआती जांच के आधार पर तहसील टीआरए सुनील कुमार व भंवरसिंह के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ आवंटन प्रकरण से जुड़े अन्य कार्मिकों की भूमिका भी जांच में सामने आएगी।

गौरतलब है कि फर्जी पट्‌टों के संदिग्ध प्रकरण सामने आने के बाद उपनिवेशन की विजिलेंस टीम ने रिकाॅर्ड जब्त कर जांच शुरू की तो उसमें चालान घोटाला सामने आया। जिसके तहत मुरबों की किश्त के रूप में 80 हजार का चालान काटकर रसीद किसान काे दे दी लेकिन राजकोष में 80 हजार की जगह 80 रुपए ही जमा करवाए। यह मामला सामने आने पर सेल रजिस्टर की गहनता से जांच की गई तो अब 1.25 करोड़ का गबन मिल चुका है।

सेल रजिस्टर की 30% ही जांच हुई, पूरी जांच में 5 करोड़ का गबन सामने आएगा

घोटाले में टीआरए की कारस्तानी का खुलासा

यह मामला चालान से जुड़ा हुआ है। जिसके तहत तहसील के टीआरए यानी ट्रेजरी ऑफिसर चालान जमा करते थे। तीन कॉपी में चालान निकलता था। किसान को दी जाने वाली कॉपी पर वास्तविक राशि लिख दी जाती और उसे रसीद भी उतनी राशि की दे दी जाती। लेकिन राजकोष में कम राशि यानी यदि 80 हजार का चालान है तो 80 रुपए ही जमा किए। ऐसे में सीधे तौर पर टीआरए शामिल बताए जा रहे हैं।

  • वर्ष 2009 से 2020 के बीच के मामले: चालान घोटाला 2009 से 2020 के बीच का है। इस दौरान अधिकांश चालान में गड़बड़ी की गई है। सेल रजिस्टर की जांच होने पर यह खुलासा हुआ है। फिलहाल तहसील नं. एक में 15 प्रतिशत और तहसील 2 के सेल रजिस्टर की 30 प्रतिशत ही जांच हुई है। पूरी जांच होने पर यह गबन 5 करोड़ से अधिक का हो सकता है।
  • टीआरए भंवरसिंह छुट्टी पर गए: तहसील नं. 2 में ज्यादा बड़ा मामला है। जिसके चलते टीआरए भंवरसिंह को इसकी भनक लगी तो उसने छुट्टी का प्रार्थना पत्र दे दिया और 29 जून के बाद से कार्यालय में नहीं आ रहा है। वहीं तहसील नं. एक का टीआरए फिलहाल नाचना में ही है।
  • इस मामले में अब तक तहसील नं. 1 में 4.03 लाख व तहसील 2 में 1.21 करोड़ का गबन सामने आया है। सेल रजिस्टर की जांच अभी चल रही है। शुरूआती गड़बड़ी को देखते हुए दोनों टीआरए के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए अजमेर रेवन्यू बोर्ड को लिखा गया है।

-महावीरसिंह राजपुरोहित, अति. आयुक्त, सतर्कता।

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