3 महीने जमीन पर लुढ़ककर 430 किलोमीटर का सफर:बाबा रामदेव की भक्त नेनु बाई आबूरोड से पहुंची रामदेवरा, बाबा के प्रति आस्था से तय किया कठिन सफर

जैसलमेरएक महीने पहले
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नेनु बाई

रामदेवरा स्थित बाबा रामदेव का मंदिर पश्चिमी राजस्थान का महाकुंभ कहलाया जाता है। हर बरस लाखों लोग देश दुनिया से बाबा की समाधि के दर्शन करने आते हैं। ऐसी ही एक भक्त रामदेवरा पहुंची है जो खुद को बाबा की परम भक्त बताती है। नेनु बाई आबूरोड से रामदेवरा आई है। जमीन पर लुढ़ककर 3 महीने की कठिन यात्रा करके रामदेवरा पहुंची नेनु बाई की भक्ति की हर कोई मिसाल दे रहा है। दरअसल नेनु बाई जमीन पर लुढ़ककर कठिन मार्गों से होते हुए करीब 430 किलोमीटर का सफर तय करके रामदेवरा आई है। नेनु बाई बताती है कि वो बाबा की परम भक्त है और बाबा रामदेव में उनकी गहरी आस्था है। बाबा बस उसकी आस्था को मान ले यही उसकी कामना है।

नेनुबाई के साथ बीस श्रद्धालुओं का जत्था भी आया रामदेवरा
नेनुबाई के साथ बीस श्रद्धालुओं का जत्था भी आया रामदेवरा

430 किलोमीटर लुढकते हुए पूरी की यात्रा

आबूरोड़ के उमरनी गांव की निवासी नेनुबाई पहले भी बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने रामदेवरा आ चुकी है, लेकिन इस बार अपनी यात्रा लुढकते हुए पूरी की है। नेनुबाई ने बताया कि 3 महीने में उसने 430 किलोमीटर की लुढकते हुए जो यात्रा पूरी की है वो बाबा रामदेव जी के आशीर्वाद से पूरी की है। रास्ते भर इस भीषण सर्दी में भी यात्रा में कोई तकलीफ या परेशानी नही हुई। हालांकि उसकी मनोकामना क्या है इस बारे में नेनु बाई ने कुछ नहीं बताया बस वो आस्था की लहर में बाबा के पास आ गई है। नेनुबाई के साथ करीब बीस श्रद्धालुओं का जत्था भी बाबा रामदेव जी के भजन-वाणी करते हुए उनके साथ चल रहा है। नेनुबाई ने बताया कि वो बचपन से ही बाबा रामदेव जी की भक्त है और आराधना करती है। दरअसल भक्त और भगवान का रिश्ता बहुत ही अटूट होता है। भक्त अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग प्रकार के जतन करते है। भक्त को पूरा भरोसा होता है कि उसका आराध्यदेव उसकी मनोकामना जरूर पूरी करेगा।