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कथा महोत्सव:इंसान को सब्र करना और अच्छे कार्य करते रहना चाहिए, इससेे ही ईश्वर की प्राप्ति संभव: कपिला

जैसलमेर12 दिन पहले
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  • गौसेवा संघ एवं गौ पर्यावरण संरक्षण समिति के संयुक्त तत्वाधान में गौकृपा कथा महोत्सव

गौसेवा संघ एवं गौ पर्यावरण संरक्षण समिति के संयुक्त तत्वाधान में संत उद्धवदास कन्हैया गौशाला में दिव्य गौकृपा कथा महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इस अवसर पर पंचमुखी हनुमान मंदिर में भगवान बालाजी महाराज की मंत्रोच्चार से पूजा अर्चना कर गुरुदेव भगवान जगदीश गोपाल ने शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर से धाटी कॉलोनी होते हुए कन्हैया गौशाला पहुंची। जहां व्यासपीठ से भगवान गुरुदेव जगदीश गोपाल सरस्वती ने गौ महिमा पर प्रवचन दिया। इस अवसर पर गुरुदेव भगवान ने मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला का माल्यार्पण कर अभिनदंन किया। वहीं गौमाता के प्रवचनों के बाद मुख्य अतिथि कल्ला ने सपत्नी आरती की। इस अवसर पर साध्वी कपिला दीदी ने राम भक्त सबरी का उदाहरण देते हुए कहा कि इंसान को सब्र करना चाहिए। सब्र करने से ईश्वर मिलते है। इंसान को अच्छे कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने मानव की प्रथम मां गौ माता को बताया।

उन्होंने कहा कि जो इंसान को जिंदगी भर दूध पिलाती है। वहीं दूसरी मां धरती मां है जो इंसान के सभी प्रकार के गुण अवगुणों को अपने में समाकर उसका पोषण करती है। उन्होंने बताया कि तीसरी मां जन्म देने वाली मां होती है। उन्होंने कहा कि मां से बड़ा शिक्षक कोई नहीं होता। इस अवसर पर साध्वी कपिला दीदी ने माताओं से बच्चों को साथ में लेकर आने का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चे ईश्वर का रुप होते हैं। उन्होंने कहा कि मां की सेवा में ही स्वर्ग है केवल कथा सुनने से सुख नहीं मिलता। बल्कि मां को प्रसन्न कर दो आप अपने आप सुखी हो जाओगे। इस दौरान उन्होंने मां से संबंधित भजन गाकर कथा स्थल पर सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने मानव की चौथी मां गंगा मैया को बताते हुए कहा कि हमारे देश में गंगा को पवित्र माना जाता है। क्योंकि गंगा भगवान शिव की जटा से निकली है। उन्होंने कहा कि पांचवी मां गीता माता कहलाई, क्योंकि भगवान कृष्ण ने गीता के पाठ में जीवन के मोक्ष का रास्ता बताया है। वहीं छठी मां गायत्री मां है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार गायत्री मां हमारी चेतना की रक्षा करती है। इन्हें वेद माता भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि सातवीं गुरु मां जीवन में ज्ञान का संचार करती है। उन्होंने बताया कि आठवीं मां आत्मा और नवीं मां परमात्मा कहलाई। इस प्रकार साध्वी कपिला दीदी ने सभी माताओं का विस्तृत वर्णन किया। इस अवसर पर कई गौभक्त उपस्थित रहे।

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