डेंगू के कहर के बीच 20 नर्सिंगकर्मियों के ट्रांसफर:एक हज़ार की ओपीडी, नर्सिंग स्टाफ की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पताल में हालात बिगड़े, ओपीडी में रोज आ रहे एक हजार मरीज

जैसलमेर2 महीने पहले
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अस्पताल में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती मरीज।

जिले में डेंगू और मलेरिया पांव पसार रहा है। डेंगू का डंक शहर से निकलकर गांवों में भी दस्तक दे रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। परंतु बारिश के बाद जिस तरह से पिछले आठ-दस दिनों में मलेरिया व डेंगू के केस बढ़ रहे हैं, उससे आने वाले दिनों में स्थिति बिगड़ सकती है। उसके बावजूद जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के हालात दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं। पहले से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जवाहर हॉस्पिटल में अब 20 से ज्यादा नर्सिंग स्टाफ के तबादले होने से स्थितियां बिगड़ रही हैं।

डॉक्टर को चेक करवाने वालों की लगी लाइन
डॉक्टर को चेक करवाने वालों की लगी लाइन

1 हज़ार की ओपीडी रोजाना

जिला मुख्यालय पर जवाहर हॉस्पिटल वायरल बुखार के साथ डेंगू और मलेरिया के मरीज लगातार हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में एक महीने पहले ओपीडी में करीब सात सौ लोग उपचार के लिए आ रहे थे। अभी बारिश के बाद वह संख्या बढ़कर एक हजार के आसपास पहुंच गई है। जिला अस्पताल में शहर के साथ-साथ गांवों से भी मरीज पहुंच रहे हैं।

जैसलमेर शहर में डेंगू बुखार से लोग हैरान परेशान हैं। डेंगू के केस लगातार बढ़ने से निजी अस्पतालों में बेड फुल हो रहे हैं। जवाहर चिकित्सालय में भी पिछले 10 से 15 दिनों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की तादाद बढ़ गई है जिसमें से कुछ मरीजों को ज्यादा प्लेटलेटस कम होने पर जोधपुर भी उपचार के लिए रेफर करना पड़ रहा है।

बीमारियों में भी अस्पताल से ट्रान्सफर हो रहा स्टाफ

प्रदेश में चल रहे तबादला मानसून से जैसलमेर के जवाहर हॉस्पिटल में डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ का अकाल हो रहा है। हाल ही इस सरकारी हॉस्पिटल में ड्यूटी पर तैनात 20 नर्सिंगकर्मियों का तबादला अन्य जिलों में कर दिया गया है यानी अस्पताल में अब पहले से 30 प्रतिशत नर्सिंग स्टाफ की कमी हो गई है। इधर डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे अस्पताल में ओपीडी को सही तरीके से चलाना अस्पताल प्रशासन के लिए मुश्किल हो गया है क्योंकि अस्पताल में पहले ही मेडिकल ऑफिसर की कमी है। इन दिनों वायरल फ्लू के साथ मलेरिया व डेंगू के फैलाव से हॉस्पिटल में स्थिति बिगड़ने के कगार पर है।

शहर में सबसे ज्यादा डेंगू का फैलाव

दरअसल डेंगू व मलेरिया को देखते हुए जैसलमेर शहर हाईरिस्क क्षेत्र बन चुका है। शहर के पटवा हवेली इलाके से शुरु हुआ डेंगू का प्रकोप सोनार दुर्ग तक पहुंच चुका है। अकेले सोनार किले की आबादी में करीब 15 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है जिसमें बच्चों की तादाद ज्यादा है। इसके अलावा शहर के ज़्यादातर वार्डों में डेंगू व मलेरिया का प्रसार हो है। वायरल बुखार तो घर-घर दस्तक दे चुका है।

जिम्मेदार भी मजबूर

जवाहर अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ जे आर पनेवार का कहना है कि वायरल बीमारियों और डेंगू के मरीज रोज अस्पताल आ रहे हैं। अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी से व्यवस्थाएं तो प्रभावित हो रही हैं मगर हम प्रयास कर रहे हैं और आगे भी लिख रहे हैं।

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