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ओरण यात्रा:ओरण प्रेमियों ने दो दिन में पूरी की 60 किमी की यात्रा

जैसलमेरएक महीने पहले
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जैसलमेर. ओरण बचाने को लेकर पद यात्रा से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
जैसलमेर. ओरण बचाने को लेकर पद यात्रा से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण।
  • देगराय मंदिर की ओरण संरक्षण के लिए पैदल यात्रा कर जैसलमेर पहुंची 11 सदस्यों की टीम

श्री देगराय मंदिर से निकली दो दिवसीय पदयात्रा का समापन मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को दिए ज्ञापन के साथ हुआ। पिछले लंबे समय से प्रशासनिक अनदेखी का दंश झेल रहे श्री देगराय ओरण क्षेत्र के युवाओं ने 14 जून को एक वर्चुअल मीटिंग कर इस ओरण भूमि को बचाने के लिए अपनी बात देश के उच्चतम प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ओरण से जैसलमेर तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया। जिसमें 11 लोगों की टीम ने 16 जून की सुबह मंदिर का दर्शन कर शुरू किया।

60 किलोमीटर लंबी यह दो दिवसीय पदयात्रा 17 जून को जैसलमेर पहुंची। जहां कलेक्टर आशीष मोदी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर यात्रा का समापन किया गया। जिलाधीश मोदी ने विधिवत हर बिंदु पर गहन चर्चा कर ज्ञापन लिया और इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। यात्रा के पूरे रास्ते में पर्यावरण प्रेमियों का विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों द्वारा जगह-जगह मालाओं और फूलों से स्वागत कर उत्साहवर्धन किया गया। विभिन्न गांवों से इस पदयात्रा में शामिल हुए देवी भक्तों, पशुपालकों, ग्रामीणों व पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने राज्य व केंद्र सरकारों से देगराय ओरण की राजस्व में दर्ज होने से वंचित रही ओरण को राजस्व रिकोर्ड में गैर मुमकिन ओरण रूप में दर्ज करवाने, ओरण क्षेत्र में विभिन्न उर्जा कंपनियों द्वारा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर बिछाई जा रही हाई टेंशन लाईनों को हटाने की मांग की है। इस यात्रा में सांवता से सुमेरसिंह, सुरेंद्रसिंह, सांगाराम, रमेश चौहान, सुजानसिंह सलखा, भोपालसिंह झालोड़ा, चुतरसिंह दवाड़ा, गोविंदसिंह भैंसड़ा, देवीसिंह भोपा, आवड़सिंह, थानसिंह और देवीसिंह रासला शामिल रहे। जिले के पर्यावरण व वन्यजीव कार्यकर्ताओं राधेश्याम पेमानी, श्याम नाथानी और पार्थ जगाणी भी शामिल रहे।

जिला मुख्यालय पर इस यात्रा का उत्साहवर्धन व साथ किसान मोर्चा अध्यक्ष हाथीसिंह मूलाना, जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी, भाजपा नेता कंवराजसिंह चौहान, पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी, देगराय मंदिर कमेटी से दुर्जनसिंह, शिवदानसिंह, स्वरूपसिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान मोकला से कुंदनसिंह मोकला व करियाप से जीवणसिंह राठौड़ द्वारा भी अपने गांवों के ओरणों की समस्या को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इस यात्रा को देगराय उष्ट्र संरक्षण संस्थान और पर्यावरण संरक्षण संस्थान ईआरडीएस फाउंडेशन ने भी समर्थन दिया।

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