अभय कमांड सेंटर के 169 कैमरों में 58 ऑनलाइन:111 में केवल 3 दिन की ही रिकॉर्डिंग स्टोर, हादसा या घटना होने पर भगवान भरोसे

जैसलमेर9 महीने पहले
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श्हर में लगे CCTV कैमरे - Dainik Bhaskar
श्हर में लगे CCTV कैमरे

जैसलमेर शहर में घटनाओं पर नजर रखने के लिए सरकार की अभय कमांड योजना के तहत जैसलमेर में अलग-अलग जगहों पर कुल 465 CCTV कैमरे लगाए जाने थे। अब तक शहर में केवल 169 जगह ही कैमरे लग पाए हैं। इसके साथ ही इन 169 कैमरों में भी केवल 58 ऐसे कैमरे हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग अभय कमांड सेंटर में होती है। इसके अलावा 111 जगह लगे कैमरे ऐसे हैं, जिनका उपयोग नहीं के बराबर हो रहा है। उसका कारण है कि इन कैमरों की रिकॉर्ड केपिसिटी 72 घंटे ही है। जिसमें भी तकनीकी कर्मचारी द्वारा उस पोल के नीचे लेपटॉप लगाकर अगर समय रहते उसका बैकअप ले लिया गया। रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो पाएगी।

ऑफलाइन रिकॉर्डिंग का बेकअप लेता कर्मचारी
ऑफलाइन रिकॉर्डिंग का बेकअप लेता कर्मचारी

गौरतलब है कि अपराध व शहर पर पैनी नजर रखने के लिए अभय कमांड योजना के तहत CCTV कैमरे लगाए जाने की योजना थी। इसकी मॉनिटरिंग एसपी ऑफिस व इसका कार्यालय पूनम सिंह स्टेडियम के पीछे बनाया गया है। हालांकि शहर में अब तक अलग अलग जगह पर 169 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। इनमें भी अब तक कुल 58 कैमरे ही लाइव जुड़े हैं। बाकी के कैमरों के बैकअप के लिए अभी तक कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए है।

स्ट्रीट लाइट बंद होने पर 72 घंटे रहता है बेकअप

शहर में अलग अलग चौराहों पर लगे कैमरे बिजली के भरोसे है। अगर बिजली का पोल खराब है। जहां लाइट नहीं जल रही है। उस कैमरे में भी रिकॉर्डिंग नहीं होती है। जिससे पुलिस को फुटेज निकालते समय खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पोल पर बिजली की लाइट खराब होने की स्थिति में अभय कमांड सेंटर के कार्मिकों द्वारा नगर परिषद से बिजली के पोल को सही करवाने की बात की जाती है। जिसके बाद पोल सही होने की स्थिति में ही फिर से रिकॉर्डिंग शुरू हो पाती है। जैसलमेर में लगे इन सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कैपेसिटी भी मात्र 72 घंटे ही है। जिसके कारण कभी कभार लेट होने की स्थिति में 72 घंटे बीत जाने के बाद उन कैमरों से फुटेज प्राप्त नहीं होती है। जिससे वारदात या घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने से कैमरों का औचित्य ही खत्म हो गया है।

जैसलमेर का अभय कमांड सेंटर
जैसलमेर का अभय कमांड सेंटर

169 कैमरों में से मात्र 58 कैमरे ही लाइव
जैसलमेर में लगे 169 कैमरों में से मात्र 58 कैमरे ही लाइव है। जिससे अभय कमांड सेंटर पर देखा जा सकता है। ये 58 कैमरे ऐसे हैं जिसे राजस्थान के किसी भी जिले के अभय कमांड सेंटर से देखा जा सकता है। पुलिस के अधिकारियों द्वारा इन कैमरों के माध्यम से जैसलमेर की विभिन्न जगहों पर नजर रखी जा रही है। वहीं इन कैमरों का पूरा डाटा भी जोधपुर में सेव हो रहा है।

अभय कमांड योजना के तहत सभी कैमरे लग जाने की स्थिति में पूरे शहर पर नजर रखी जाएगी। सभी कैमरे लगने के बाद शहर का कोई भी हिस्सा नहीं होगा जहां पुलिस की तीसरी नजर नहीं रहेगी। अभय कमांड योजना का पूरा सेटअप होने के बाद पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगाम कसी जाएगी। हालांकि सभी कैमरों को ऑनलाइन करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर लगाने का काम जारी है जो 80 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द सभी कैमरे ऑनलाइन हो जाएंगे।