पत्नी के हत्यारे पति को 7 साल की जेल:चार साल पुराने मामले में पोकरण एडीजे कोर्ट ने सुनाया फैसला, दहेज के लिए मारा था पत्नी को

2 महीने पहले
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दहेज के लिए अपनी ही पत्नी की 4 साल पहले हत्या करने के आरोपी पति दीपाराम निवासी सत्याया को पोकरण एडीजे कोर्ट ने बुधवार को सात साल कैद की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय (एडीजे कोर्ट) पोकरण के न्यायाधीश दलपत सिंह राजपुरोहित ने आरोपी दीपाराम पुत्र पुनाराम निवासी सत्याया को सजा सुनाई।

आरोपी के खिलाफ बाबूराम द्वारा अपनी पुत्री ढेलू की दहेज की मांग को लेकर परेशान कर हत्या करने की रिपोर्ट 15 अप्रैल 2017 को नाचना थाने में दर्ज की गई। रिपोर्ट के बाद आरोपी पति दीपाराम के खिलाफ धारा 498 ए, 304 बी, 306 में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट द्वारा आरोपी पति दीपाराम को 304 बी के तहत दीपाराम को 7 साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया। यही वह 10 हज़ार का जुर्माना नहीं भरता है तो उसे 6 महीने के कठोर कारावास को अलग से भुगतने के भी आदेश दिए गए। पीड़ित पक्ष की पैरवी वकील सरवर खान ने की।

यह है मामला

नाचना थाने के सत्याया ग्राम पंचायत के सरहद पर स्थित मिठडिय़ा वितरिका के चक संख्या 10 के एक खेत में अप्रैल 2017 में ढेलू (20) पत्नी दीपाराम मेघवाल की टांके में गिर जाने से मौत हो गई। पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही परिजनों ने शव को टांके से बाहर निकाल दिया था। पुलिस के अनुसार मृतका के पिता सनावड़ा निवासी बाबूराम पुत्र प्रागाराम मेघवाल ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसकी पुत्री ढेलू का विवाह 14 माह पूर्व सत्याया निवासी दीपाराम पुत्र पूनाराम के साथ की गई थी। शादी के समय उसने दहेज भी दिया। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था तथा मारपीट भी की जा रही थी। उन्होंने मृतका के पति दीपाराम पर दहेज के लिए परेशान करने तथा उसकी हत्या कर शव टांके में डालने का आरोप लगाया था।

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