मांग:निजी स्कूलों ने आर्थिक सहायता मांगी

जैसलमेरएक वर्ष पहले
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  • गैर सरकारी शिक्षण संस्थान संघ के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन

गैर सरकारी शिक्षण संस्थान संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को एडीएम को मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मध्यम और लघु स्तर के निजी विद्यालय को कोरोना वायरस के कारण आए आर्थिक संकट से उभरने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई। 

ज्ञापन में बताया कि जैसलमेर की लघु और मध्यम स्तर के विद्यालय की फीस मात्र 400 से 600 रुपए  मासिक है। जो पिछले 4 माह से रुकी हुई है। अनलॉक 2 के चलते विद्यालय 31 जुलाई तक बंद है। आगे भी स्थिति अस्पष्ट है। ऐसे में इन विद्यालय में अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए संकट उत्पन्न हो गया था। उनके पिछले 4 माह से वेतन नहीं मिला, साथ ही इन विद्यालयों के अभिभावक भी महामारी के कारण अपना रोजगार ठप होने के कारण फीस भरने में असमर्थ है।

विद्यालय के आर्थिक स्त्रोत का माध्यम एक मात्र शिक्षण शुल्क है। इन सभी कारणों के कारण लघु और मध्यम स्तर के विद्यालयों आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। कर्मचारियों का वेतन, बिजली, पानी, टेलीफोन के बिल, मकानों का किराया, गाढ़ी मकान की ईएमआई आदि चुकाना भारी हो गया है।

ज्ञापन में विद्यालय को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई। ज्ञापन देते समय करणी बाल मंदिर, डॉ. राधाकृष्णन, कमला नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, क्रिमलीन स्कूल, चिल्ड्रन अकेडमी, गायत्री विद्या मंदिर, ओम बिद्या मंदिर व सरस्वती विद्यालय सहित कई निजी विद्यालय के संचालक उपस्थित रहे।

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