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यात्रियों को चुनना पड़ता है दूसरा विकल्प:जैसलमेर से बीकानेर के लिए शुरू नहीं हुई रेल सेवा पंजाब व हरियाणा से आने वाले सैलानियों को परेशानी

जैसलमेर12 दिन पहले
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  • जोधपुर, जयपुर, दिल्ली व मुंबई से सीधी रेल, बीकानेर से आने वाले यात्रियों को चुनना पड़ता है दूसरा विकल्प

कोरोनाकाल के बाद अब जैसलमेर में मुख्य रूप से कनेक्टिविटी शुरू हो गई है। लेकिन बीकानेर से होकर जाने वाली रेल अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। जिससे सैलानियों व स्थानीय निवासियों को दूसरे विकल्प चुनने पड़ रहे है।

गौरतलब है कि पंजाब व हरियाणा से स्वर्णनगरी भ्रमण पर आने वाले सैलानी तथा बीकानेर से स्थानीय लोगों की बहुत ज्यादा रिश्तेदारी है। इस कारण यह रूट रेलवे के लिहाज से अभी तक बंद चल रहा है।कोरोनाकाल से पहले जैसलमेर से जयपुर के लिए लीलण एक्सप्रेस का संचालन किया जाता था, जो बीकानेर होकर चलती थी। जिससे पंजाब व हरियाणा के लिए बीकानेर से कनेक्टिविटी मिल जाती थी। वहीं स्थानीय लोगों को बीकानेर जाने के लिए भी सुलभता थी। लेकिन रेलवे द्वारा बीकानेर के रूट को शुरू नहीं करने से स्थानीय लोगों के साथ सैलानियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जैसलमेर की रिश्तेदारी जोधपुर व बीकानेर में अधिक है
जैसलमेर के स्थानीय लोगों की अधिकांश रिश्तेदारी जोधपुर व बीकानेर में है। इसलिए जोधपुर व बीकानेर जाने वाले यात्रियों की संख्या सर्वाधिक है। रेलवे द्वारा जोधपुर के लिए तो रेल शुरू कर दी गई है लेकिन रेलवे प्रबंधन द्वारा बीकानेर की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

बीकानेर से जैसलमेर पहुंचना भी आसान होगा
पंजाब व हरियाणा के साथ उत्तरी भारत के कई सैलानी बीकानेर होकर जैसलमेर पहुंचते थे। हालांकि अब वे लंबा रूट लेकर दिल्ली के रास्ते जैसलमेर आ रहे हंै। लेकिन अगर जैसलमेर बीकानेर के बीच रेल सेवा शुरू हो जाती है तो सैलानी इसी रूट को प्राथमिकता से लेकर बीकानेर के रास्ते ही जैसलमेर पहुंचेगे।

रूणिचा की जगह शुरू की गई जम्मूतवी एक्सप्रेस
कोरोनाकाल से पहले जैसलमेर से दिल्ली तक रूणिचा एक्सप्रेस लगातार चल रही थी। बाद में रूणिचा एक्सप्रेस की जगह दिल्ली तक जाने वाले रूट को जम्मूतवी तक बढ़ाकर सप्ताह में चार दिन जम्मूतवी एक्सप्रेस चलाई जा रही है। हालांकि यह सप्ताह में चार दिन ही है लेकिन इसे जम्मूतवी तक बढ़ाने व समय आमजन के लिए सहज होने के कारण यह रेल काफी सुविधाजनक साबित हो रही है।

आखिर कब शुरू होगी बीकानेर से रेल सेवा
अब जैसलमेर के स्थानीय व पंजाब हरियाणा से आने वाले सैलानियों को बीकानेर से रेल सेवा शुरू होने का इंतजार है। कोरोनाकाल के बाद अब सबका एक ही सवाल है कि बीकानेर से ट्रेन कब शुरू होगी। वहीं सैलानियों को बीकानेर से आसानी से हर जगह के लिए कनेक्टिविटी मिलने से उन्हें भी इस रूट के शुरू होने का इंतजार है।

रामदेवरा के लिए भी होती है परेशानी
उत्तरी राजस्थान के हनुमानगढ़, गंगानगर, नागौर व बीकानेर से आने वाले लाखों सैलानी भी बीकानेर से जैसलमेर के बीच रेल सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे है। अभी रामदेवरा दर्शन के लिए आने वाले श्रृद्धालुओं को जोधपुर होकर आना पड़ता है। जिसमें उन्हें कम से कम 400 किलोमीटर का ज्यादा सफर तय करना पड़ता है। पहले जोधपुर व उसके बाद रामदेवरा पहुंचने के दौरान श्रद्धालुओं को आने जाने के लिए 300 से 400 किलोमीटर का फासला बढ़ जाता है। लेकिन अगर बीकानेर से रेल सेवा शुरू हो तो श्रद्धालुओं के 400 किलोमीटर का सफर बच जाएगा।

स्थानीयों और अधिकारियों का कहना
जैसलमेर निवासी जिन महिलाओं का पीहर बीकानेर है उनके लिए बीकानेर तक रेल सेवा पूरी तरह से सुविधायुक्त है। लेकिन रेलवे प्रबंधन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पहले लीलण एक्सप्रेस चलती थी। जिससे यात्रियों को सहूलियत होने के साथ ही रेलवे को भी राजस्व मिल जाएगा।
-रचना, स्थानीय निवासी

जैसलमेर से बीकानेर के लिए कोई रेल सेवा शुरू नहीं की गई है। जबकि इस रूट से रेलवे को जहां लाखों रुपए से राजस्व मिलेगा। वहीं यात्रियों को भी यह रूट शुरू होने से काफी सुविधा मिलेगी।
-विशाल, स्थानीय निवासी

फिलहाल इस रूट के लिए अभी तक कोई रेल शुरू नहीं हुई है। रेल मंत्रालय से इस संबंध में आदेश आने के साथ ही बीकानेर जैसलमेर रूट पर रेल शुरू कर दी जाएगी।
-गोपाल शर्मा, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे

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