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कैसे होगी नागरिकों की सुरक्षा:सिविल डिफेंस के भरोसे प्रशासन की तैयारी हकीकत;160 में से 12 ही जानते है तैरना

जैसलमेर19 दिन पहले
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  • सिविल डिफेंस में मात्र पांच कर्मचारी कार्यरत, नाव भी नहीं

जैसलमेर में मानसून के प्रवेश के साथ बरसातों का दौर शुरू हो गया है। जिसके बाद संबंधित विभागों द्वारा भी बरसात को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। जैसलमेर में बारिश होने के साथ ही बरसाती नदियां उफान पर आ जाती है। इसके साथ ही अतिवृष्टि से निचले इलाकों में पानी भर जाता है। इससे निपटने के लिए प्रशासन ने भी अपनी तैयारी करते हुए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। इसमें सिविल डिफेंस की टीम तैनात भी कर दी है। लेकिन बरसाती नदी व पानी भरने के बाद फील्ड में जाने वाले सिविल डिफेंस के वॉलेटिंयर्स की कोई तैयारी नहीं है। ना तो सिविल डिफेंस के पास पर्याप्त संसाधन है और ना ही कुशल तैराक। सिविल डिफेंस में मात्र पांच कर्मचारी ही कार्यरत है। जिसमें दो फायरमैन व एक ड्राइवर है। इसके साथ ही एक लिपिक व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। जिनका अतिवृष्टि व बरसाती नदियों में कोई उपयोग नहीं है।

160 में से सिर्फ 12 जानते है तैरना संसाधन भी नहीं

सिविल डिफेंस में 160 वोलेंटियर्स रजिस्टर्ड है। इनमें कंट्रोल रूम के साथ ही आपदा आने पर उनकी सेवाएं ली जा सकती है। लेकिन 160 में से सिर्फ 12 ही ऐसे वोलेंटियर्स है जो तैरना जानते है। बाकी सभी वोलेंटियर्स सिर्फ साक्षर होने के बलबूते ही रजिस्टर्ड है। इनकी सेवाएं प्रशासन द्वारा ली जा रही है। सिविल डिफेंस के पास बरसाती नदी या अतिवृष्टि में बचाव के लिए फावड़ा, गेंती, सीमित लाइफ जैकेट व बाय रिंग, रस्सी है। लेकिन इनकी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता नहीं है। इसके साथ ही बरसाती नदी या अतिवृष्टि में सर्वाधिक उपयोगी होने वाली नाव भी सिविल डिफेंस के पास नहीं है। ​​​​​​​

वॉलेंटियर्स की योग्यता निर्धारित ही नहीं, सिर्फ साक्षर होना जरूरी, प्रशिक्षण भी नहीं

प्रशासन द्वारा सिविल डिफेंस के माध्यम से 160 वोलेंटियर्स को रजिस्टर्ड किया गया है। जिनका रोस्टर प्लान के माध्यम से उपस्थिति करवाई जाती है। फिलहाल कंट्रोल रूम में राउंड द क्लॉक वॉलेटिंयर्स को बुलाया जा रहा है। सिविल डिफेंस के माध्यम से जो वोलेंटियर्स लगाएं जाते है। उनमें और कोई भी योग्यता की परख नहीं की जाती, वोलेंटियर्स के रजिस्ट्रेशन के लिए उसका सिर्फ साक्षर होना जरूरी है। ऐसे में कई ऐसे भी लोग है जिन्होंने सिर्फ दैनिक भत्ता उठाने के लिए ही अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। प्रशासन द्वारा सिविल डिफेंस का उपयोग तो आपदा के समय लिया जाता है। लेकिन इन वोलेंटियर्स को आज तक किसी भी प्रकार का कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। सिविल डिफेंस में लगे वोलेंटियर्स को प्रतिदिन उपस्थित होने पर 590 रुपए का भुगतान किया जाता है। फिलहाल राउंड द क्लॉक होने के चलते सिर्फ कंट्रोल रूम में 24 व्यक्ति कार्यरत है। ​​​​​​​

ड्यूटी के लिए लगती है एप्रोच

​​​​​​​जैसलमेर में सिविल डिफेंस के लिए वोलेंटियर्स को ड्यूटी के लिए दैनिक भत्ते के हिसाब से 590 रुपए दिए जाते है। सिविल डिफेंस के पास फिलहाल 160 वोलेंटियर्स रजिस्टर्ड है। जिनमें ड्यूटी लगाने के लिए वोलेंटियर्स द्वारा एप्रोच लगाई जाती है। कई बार नंबर नहीं आने से वोलेंटियर्स के बीच विवाद भी हो जाता है। ​​​​​​​

इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। जिसमें प्रोफेशनल गोताखोर व फायरमैन के लिए स्वीकृति मांगी जाएगी। इसके साथ ही बजट के लिए भी सरकार को लिखा जाएगा ताकि संसाधनों की पूरी उपलब्धता हो सके। अभी हमारे पास जितने संसाधन उपलब्ध है। उससे बेहतर काम करने का प्रयास किया जा रहा है।

-रमेश सीरवी, एसडीएम, जैसलमेर​​​​​​​

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