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टूट रही बारिश की उम्मीद:7.12 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य, अब तक सिर्फ 88 हजार में ही बोई फसलें

जैसलमेर21 दिन पहले
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  • अगले सप्ताह आएगा मानसून, खरीफ फसलों की बुवाई की तैयार कर चुके किसान परेशान
  • जिले में मानसून रूठने से किसानों की परेशानी बढ़ी बुवाई पर भी पड़ेगा असर
  • आधा आषाढ़ सूखा बीत गया, बारिश में देरी से खरीफ की बुवाई का रकबा 50 फीसदी घटेगा

स्वर्णनगरी में आधा आषाढ़ बीतने के बाद भी मानसून की पहली बारिश का इंतजार है। खरीफ की बुवाई के लिए किसानों ने खेत तैयार कर दिए। मानसून रूठने से बारिश का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। सीजन में कृषि विभाग ने 7 लाख 12 हजार हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई का लक्ष्य तय किया है।

अब तक सिर्फ 88 हजार हेक्टेयर पर ही खरीफ फसलों की बुवाई हो पाई है। जबकि हर साल जैसलमेर में अब तक किसानों द्वारा बुवाई कर दी जाती है। इसका मुख्य कारण है कि आमतौर पर जैसलमेर में जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून का प्रवेश हो जाता है। जिससे पहले किसान खड़ाई कर खेत तैयार कर देते हैं। मानसून की देरी के कारण किसान अब खेतों की खड़ाई में जुट गए है। जैसलमेर में अगले सप्ताह मानसून के प्रवेश की संभावना जताई जा रही है।

फसलों की बुवाई में भी लगेगा समय

जैसलमेर में फिलहाल अगले सप्ताह तक मानसून के प्रवेश की संभावना को देखते हुए किसान खेतों में खड़ाई करने में जुटे हुए है। जिसमें खेतों को बुवाई के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मानसून की पहली बरसात होने के साथ ही जैसलमेर में खरीफ की फसल की बुवाई शुरू हो जाएगी। जिसके बाद भी किसान पूरी तरह से खेतों में जुटे हुए रहेंगे। अगर जुलाई खत्म होने तक मानसून का प्रवेश तो हो जाता है लेकिन अच्छी बरसात नहीं होती है तो अधिकांश किसान बुवाई नहीं कर पाएंगे।

जैसलमेर में अगले सप्ताह तक मानसून के प्रवेश का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर जैसलमेर में इस बार मानसून देरी से आया तो किसानों को नुकसान हो जाएगा। जैसलमेर जुलाई तक अगर मानसून का प्रवेश होता है तो किसान फसलों की बुवाई कर देंगे लेकिन अगर उसके बाद मानसून का प्रवेश हाेता है तो इस बार 50 प्रतिशत तक ही बुवाई हो पाएगी। जिससे फसलों पर विपरीत असर पड़ेगा।

हर साल 10 जुलाई तक होती है बारिश

जैसलमेर में आमतौर पर 8 से 10 जुलाई तक मानसून का प्रवेश हो जाता है। लेकिन इस बार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जैसलमेर में जुलाई के दूसरे सप्ताह मानसून का प्रवेश होगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अच्छी बरसात होगी। लेकिन जैसलमेर में इस बार मानसून के देरी से प्रवेश करने से बुवाई का समय भी स्थगित हो गया है। जिससे इस बार बुवाई भी कम होने की संभावना है। ​​​​​​​

जैसलमेर में मानसून इस साल एक सप्ताह लेट पहुंचेगा। जिससे बुवाई भी एक सप्ताह के लिए टल गई है। अब जैसलमेर में जुलाई महीने में मानसून की बरसात नहीं होती है तो बुवाई भी नहीं हो पाएगी। जिससे किसानों को इस बार नुकसान हो जाएगा। अभी किसान खड़ाई कर खेतों को बुवाई के लिए तैयार कर रहे है।

-गंगासिंह, किसान।​​​​​​​

किसान बुवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। अब मानसून के आने का इंतजार किया जा रहा है। मानसून की बरसात होने के साथ ही किसानों द्वारा बुवाई कर दी जाएगी। जुलाई तक अगर मानसून आ जाता है तो कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन अगर उसके बाद बरसात होती है तो किसानों को काफी नुकसान हो जाएगा।

-मलुकाराम, किसान।​​​​​​​

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