33 स्वास्थ्यकर्मियों के तबादले से हिला प्रशासन:कलेक्टर ने होल्ड पर रखवाए तबादले, बोले- 33 कर्मचारियों के बदले में एक भी जैसलमेर नहीं आएगा तो काम कैसे चलेगा

जैसलमेर10 दिन पहले
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सीएमएचओ कार्यालय - Dainik Bhaskar
सीएमएचओ कार्यालय

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जैसलमेर जिले से एक साथ 33 से भी ज्यादा एएनएम, जीएनएम और फार्मासिस्ट के तबादले उनके गृह जिलों में कर दिए। उनकी जगह एक भी स्टाफ जैसलमेर जिले में नहीं लगाया गया है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ तबादलों से जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र न केवल खाली हो जाएंगे बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं भी गड़बड़ा जाएंगी। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने जयपुर स्थित विभाग को रिप्लेस्मेंट करने की बात कहते हुए इन तबादलों को फिलहाल रोका है।

जिला कलेक्टर ने रिप्लेसमेंट पॉलिसी का दिया हवाला

मोदी ने बताया कि राज्य सरकार कि तरफ से जैसलमेर जिले के मेडिकल स्टाफ के तबादले किए गए हैं जिनको अभी हमने रिलीव करने से मना किया है। हमने इसको लेकर जयपुर भी बात की है तथा उन्हें रिप्लेसमेंट पॉलिसी का हवाला देते हुए कहा है कि जिले में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टाफ चले जाएंगे तो चिकित्सा व्यवस्था ही लड़खड़ा जाएगी। ऐसे में या तो हमें इनके बदले में स्टाफ दिया जाए या फिर इन सबके तबादले निरस्त किए जाएं।

चिकित्सा मंत्री से बात कर हल निकालेंगे- शाले मोहम्मद

साथ ही अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद ने तबादलों कि खिलाफत करते हुए इसे जिले के लिए काफी नुकसानदायक बताया और कहा कि मैं इसको लेकर चिकत्सा मंत्री रघु शर्मा से बात करूंगा। इस मसले का हल निकालने के लिए भी कहुंगा। चूंकि जैसलमेर जिले में वैसे भी मेडिकल स्टाफ की बहुत कमी है और ऐसे में एक साथ 33 लोग जिले से बाहर चले जाएंगे और उनकी जगह कोई भी नहीं आएगा तो काम कैसे चलेगा। चिकित्सा मंत्री को अवगत करवाकर इसका हल निकालने को लेकर आज ही चर्चा करूंगा।

रिलीव करने से कब तक रोकें- सीएमएचओ

वहीं CMHO डॉ कुणाल साहू का कहना है कि 30 सितंबर तक तबादले हो गए उसके बाद से हमने सबको रिलीव करने से रोका है क्योंकि जैसलमेर में एक भी मेडिकल स्टाफ इनकी जगह नहीं लगाया गया है। ऐसे में चिकित्सा व्यवस्था डगमगा जाएगी, लेकिन इन मेडिकल स्टाफ का तबादला राज्य सरकार ने ही किया है और लंबे समय तक इनको कैसे रोके रखा जाए। कई मेडिकल स्टाफ कोर्ट में जाने कि बात कह रहे हैं। हमने सारी वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।

थोक में हुए तबादले

ऐसा माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने राजनीतिक डिजायरों के चलते थोक में जैसलमेर से एएनएम के स्थानांतरण कर उन्हें उनके गृह जिले में लगाया है। लेकिन एक भी नई एएनएम की नियुक्ति जैसलमेर में नहीं की है। इसके बावजूद राज्य सरकार न तो इनके स्थानांतरण निरस्त कर रही है और न ही जैसलमेर में एएनएम लगा रही है। ऐसे में इन तबादलों को स्थानीय प्रशासन कब तक रोके रख सकता है। अगर कोई एक भी कोर्ट में चला गया तो महकमे को जवाब देना काफी भारी पड़ने वाला है।

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