सम्मान:सेना की वजह से देश सुरक्षित, सैनिकों के परिजनों का सम्मान हमारा दायित्व:मोदी

जैसलमेर2 महीने पहले
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सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर वीरांगनाओं का सम्मान करते अतिथि। - Dainik Bhaskar
सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर वीरांगनाओं का सम्मान करते अतिथि।
  • सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर कार्यक्रम में वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, वीरांगनाओं का किया सम्मान

कलेक्टर आशीष मोदी ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर सैनिकों एवं सैनिक अधिकारियों की सुरक्षा की बदौलत हम देश के वासी चैन की नींद से सो रहे है एवं शांति से जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि समाज में सैनिकों एवं वीरांगनाओं का सदैव सम्मान रहता है एवं हमारा दायित्व है कि उनके कल्याण के लिए सदैव अग्रणीय रहे एवं उनका हर संभव सहयोग करें। कलेक्टर मोदी मंगलवार को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय जैसलमेर के तत्वावधान में आयोजित सशस्त्र सेना झण्डा दिवस समारोह के दौरान यह उद्गार व्यक्त किए।

समारोह में पूर्व यूआईटी अध्यक्ष एवं समाजसेवी उम्मेदसिंह तंवर, पूर्व जिला प्रमुख व जिला परिषद सदस्य अंजना मेघवाल, ग्रुप कैप्टन ईसीएच राकेश नन्दा, 1971 के भारत पाक युद्ध लोंगेवाला के वीर साक्षी भैरोसिंह, सेवानिवृत कर्नल भीमसिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ले. कर्नल लालाराम सीवर, पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी सूरजपालसिंह भाटी अतिथि के रुप में उपस्थित थे। कलेक्टर मोदी ने कहा कि जिला प्रशासन सैनिकों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं एवं उनकी हर समस्या के निदान में किसी प्रकार की कमी नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि देश की शहादत देने वालों को समाज कभी नहीं भूल सकता एवं उनका हर स्तर पर सदैव नाम उच्च रहता है। उन्होंने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को विश्वास दिलाया कि प्रशासन उनके मदद के लिए हर समय खड़ा है।

पूर्व यूआईटी अध्यक्ष उम्मेदसिंह तंवर ने झण्डा दिवस पर सभी पूर्व सैनिकों को बधाई देते हुए कहा कि हमें यह संकल्प लेना है कि सैनिकों के कल्याण के लिए आर्थिक के साथ ही अन्य प्रकार के किसी भी सहयोग की जरुरत होगी, उसके लिए अग्रणीय रहेंगे। उन्होंने कहा कि जैसलमेर वासियों ने सदैव सीमा प्रहरियों के रुप में कार्य किया है एवं उसको भी हम आगे बनाए रखेंगे। पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने कहा कि सैनिकों की शहादत की बदौलत यह देश आजाद हुआ है एवं उनकी शहादत सदैव अमर रही है।

उन्होंने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे वीरांगनाओं एवं पूर्व सैनिकों के सहयोग के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं रखेंगे। ग्रुप कैप्टन राकेश नंदा ने सैनिकों के शौर्य गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि देश की रक्षा एवं सुरक्षा के लिए हम सभी को सदैव आगे आना है, उन्होंने कहा कि सैनिकों की सेवा सर्वोपरी रही है एवं उनके कल्याण के लिए हर व्यक्ति को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने इस मौके पर सभी को अपने पूर्वजों एवं बड़े बुजुर्गों का सम्मान रखने की सीख दी।

सेवानिवृत कर्नल भीमसिंह ने भी झण्डा दिवस पर बधाई दी एवं कहा कि यह दिवस सैनिकों के कल्याण के सहयोग के लिए मनाया जाता हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक, पूर्व सैनिक एवं वीरांगनाओं का सहयोग करना हमारे लिए गौरव की बात हैं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लालाराम सीवर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सशस्त्र झण्डा दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं बताया कि 7 दिसम्बर 1949 से यह दिवस भारतीय सशस्त्र बलों के कार्मिकों के कल्याण के लिए मनाया जाता हैं। जिसमें जनता से वित्तीय सहयोग प्राप्त कर उसको समर्पित का दिवस मानते है। इस मौके पर अतिथियों ने सर्वप्रथम जिले के वीर शहीदों की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सहित याद किया।

अतिथियों ने इस दिवस पर जैसलमेर के स्वतंत्रता सैनानी स्व. लालचंद जोशी की पत्नी सखी देवी जोशी, मोहनगढ़ के शहीद राजेन्द्रसिंह की वीरांगना जमना कंवर एवं धायसर के शहीद उदयसिंह की वीरांगना पदम कंवर का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान सेनि. कैप्टन आमसिंह भाटी, सूबेदार देरावरसिंह, जिला सैनिक कल्याण संस्था के अध्यक्ष सगतसिंह सावता, सेनि. सब इंसपेक्टर बीएसएफ मानाराम विश्नोई के साथ ही पूर्व सैनिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का ओजस्वी वाणी में दलपतसिंह भाटी पूनमनगर ने किया। कार्यक्रम के अंत में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सीवर ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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