कलेक्टर और कैबिनेट मंत्री के भाई का विवाद बढ़ा:पूर्व प्रधान ने बीच सड़क पर प्रभारी मंत्री का रुकवाया काफिला; जिला कलेक्टर को हटाने की मांग की

जैसलमेर2 महीने पहले
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प्रभारी मंत्री का घेराव किया। - Dainik Bhaskar
प्रभारी मंत्री का घेराव किया।

कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के भाई और प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष अमरदीन फकीर और जिला कलेक्टर आशीष मोदी के बीच हुई नोकझोंक का मामला अब लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिला प्रभारी मंत्री सुखराम बिश्नोई के जैसलमेर दौरे के दौरान अमरदीन फकीर के नेतृत्व में कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क में उनके काफिले को रुकवाकर उनका घेराव किया। जिला कलेक्टर के रवैया को लेकर नाराजगी जताई और ज्ञापन भी सौंपा।

इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जहां जिला कलेक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वहीं प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और अशोक गहलोत के पक्ष में भी नारेबाजी करते हुए दिखाई दिए। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री से इस बारे में बात करेंगे और एक्शन लेंगे।

प्रभारी मंत्री सुखराम बिश्नोई से कलेक्टर की शिकायत करते अमरदीन फकीर
प्रभारी मंत्री सुखराम बिश्नोई से कलेक्टर की शिकायत करते अमरदीन फकीर

प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के भाई पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर ने कहा कि जिला कलेक्टर का रवैया आमजन के प्रति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री के जैसलमेर दौरे के दौरान भी जिला कलेक्टर नदारद है। अमरदीन फकीर ने कहा कि जिला कलेक्टर यदि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ इस प्रकार से दुर्व्यवहार करते हैं तो आम लोगों के साथ किस तरीके से पेश आते होंगे यह सोचने वाली बात है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर जैसे जिले में एक अनुशासित धैर्यवान और कर्मठ जिला कलेक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए जो जैसलमेर जैसे पिछड़े जिले को विकास की गति प्रदान कर सके।

क्या है मामला

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार को जब कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे तो कलेक्टर से बहस हो गई। मंगलवार को जब कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्टर कक्ष में प्रवेश कर रहे थे तो कलेक्टर आशीष मोदी ने उन्हें वहीं पर रोक दिया और कहा कि इतने ज्यादा लोग आएंगे तो मैं ज्ञापन नहीं लूंगा। इसके बाद मामला बढ़ गया और केबिनेट मंत्री के भाई व पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर और कलेक्टर के बीच कहासुनी हो गई। बाद में मामला शांत हुआ और कलेक्टर ने मीटिंग हॉल में सभी को बुलाकर ज्ञापन लिया। कलेक्टर के इस व्यवहार को देखते हुए पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर नाराज हो गए।

सीएम से की शिकायत

अमरदीन फकीर ने इस मामले को लेकर सीएम को शिकायत की है। साथ ही कांग्रेस के जितने भी अग्रिम संगठन है उन्हें भी पत्र लिखा है और कहा है कि कलेक्टर का व्यवहार आम जनता के साथ सही नहीं है। फाइलों के ढेर लगे हैं और कलेक्टर उस पर गौर ही नहीं कर रहे हैं। पूर्व प्रधान फकीर ने इस मामले को लेकर कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आम आदमी का काम यहां नहीं हो रहा है। सिर्फ कंपनियों के काम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग चक्कर काट कर थक जाते हैं और कलेक्टर उनकी सुनते तक नहीं हैं।

हालांकि जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि "ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, कुछ कन्फ्यूजन हो गया था, चेम्बर के बाहर जो भी स्टाफ था उसने सीधे ही उन्हें अंदर भेज दिया था, मैंने मीटिंग हॉल में बिठाने के लिए कहा था। मैंने पुलिस इंचार्ज को उनके सामने बुलाकर पूछ लिया था, तब उन्होंने बताया था कि भीड़ देखकर पुलिस खुद ही वहां आ गई थी।

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