पेशा गाइड का और शौक सांप पकड़ने का:सांपों से खेलने के जुनून ने बचाई हजारों सांपों और लोगों की जान, बिना ट्रेनिंग सांपों से खेलते हैं प्रेम चौधरी, पिछले एक दशक में पकड़ चुके हैं सैकडा़ें सांप

जैसलमेर3 महीने पहले
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जहरीले सांपों को पकड़ना अब प्रेम के अभ्यास में आ गया है। - Dainik Bhaskar
जहरीले सांपों को पकड़ना अब प्रेम के अभ्यास में आ गया है।

जैसलमेर के प्रेम चौधरी पेशे से टूरिस्ट गाइड हैं, लेकिन उसके सांप पकड़ने के शौक ने उसको जैसलमेर में मशहूर कर दिया। जहरीले सांपों से लोगों की जान बचाने वाले प्रेम ने आज तक सांप पकड़ने की कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली है। बस देखकर सीख गया और हजारों सांपों को लोगों से और हजारों लोगों को सांपों से बचा चुके हैं प्रेम।

सांपों को बचाने का जुनून
सांपों को बचाने का जुनून

घर में सांप पकड़ने वाले को देखकर जागा जुनून

46 साल के प्रेम चौधरी बताते हैं कि मैंने कई बार लोगों के घरों में सांप निकल आने पर उनको सांप को मारते हुए देखा था। लोग कहते हैं कि ये जहरीले हैं और उसने डसने से आदमी की मौत हो जाती है। करीब 10 साल पहले उनके घर में सांप निकल आया था। तब राजेंद्र गोपा नाम के व्यक्ति ने उस सांप को पकड़ा था। तबसे उसमें भी ये जुनून जाग गया कि वह भी सांप पकडेगा और उसे मरने से बचाएगा। और इस तरह सांप पकड़ने का काम शुरू किया। बिना किसी ट्रेनिंग के प्रेम ने इन 10 सालों में सैकड़ों सांपों को अपने हाथों से पकड़कर सुनसान इलाकों में छोड़ा है। कई लोगों कि जान इस जहरीले प्राणी से बचाई है।

लोगों का सबसे बड़ा डर है सांप लेकिन प्रेम का यह शौक है।
लोगों का सबसे बड़ा डर है सांप लेकिन प्रेम का यह शौक है।

सांपों को मारना नहीं बचाना है लक्ष्य

जैसलमेर के गांधी कॉलोनी क्षेत्र के रहने वाले प्रेम कुमार चौधरी ने किसी से प्रेरणा लेकर सांपों को पकड़ने का शौक बना दिया जिससे अब वे प्रोफेशनल स्नेक कैचर हो गए हैं। अब तक हजारों की संख्या में जहरीले सांप पकड़ चुके हैं और कई लोगों की जान बचा चुके हैं। बीती देर रात शहर के सावल कॉलोनी में जहरीला कोबरा सांप आने से हड़कंप मच गया।

प्रेम को सूचना मिलते ही वह तुरंत वह मौके पर पहुंच गए। प्रेम को सांप पकड़ने का ऐसा जुनून है कि कहीं से भी सांप निकलने की सूचना मिलते ही सभी काम छोड़कर तुरंत सांप को संरक्षण करने के लिए पहुंच जाते हैं। इसके लिए न तो किसी तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं और न कोई जादू मंतर का। केवल सांपों के संरक्षण और अपने शौक के लिए निशुल्क काम करते हैं। प्रेम चौधरी बताते हैं कि पर्यावरण के संतुलन के लिए इनका जीवित रहना जरुरी है, लेकिन कुछ लोग इनको देखने के बाद मार देते है। जब तक इनको अपने पर खतरे का अहसास नहीं होता तो यह किसी पर हमला नहीं करते हैं। उनका बस एक ही लक्ष्य है कि इनको मरने नहीं देना है बचाना है।

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