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ग्रहों की चाल:साल के सबसे बड़े दिन 21 जून को शुरू होगी वर्षा ऋतु

जैसलमेरएक महीने पहले
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  • सावन में मेघ गाएंगे मल्हार, सूर्य की राशि के अनुसार तय होती है ऋ तुएं

मिथुन राशि में मंगलवार को भगवान सूर्यनारायण ने प्रवेश किया। खगोल और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह वर्षा ऋतु में अच्छी बरसात के संकेत हैं। क्योंकि 22 जून तक मिथुन राशि में सूर्य और शुक्र की युति भी रहेगी। इसके बाद शुक्र का कर्क राशि में प्रवेश होगा। सूर्य भी इस दिन सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।

फिलहाल सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में हैं, जो 21 जून तक रहेंगे। इन दोनों वजह से साल के सबसे बड़े दिन 21 जून को वर्षा ऋतु आरंभ होगी और ज्योतिषीय गणनाएं अच्छे मानसून के संकेत दे रही हैं। इससे अच्छी बारिश की संभावना है। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्षा ऋतु 21 जून से 22 अगस्त तक रहेगी। वेद विज्ञान के अनुसार हिंदी पंचांग के एक संवत्सर में 6 ऋतुएं होती हैं। सूर्य के सायन राशि में प्रवेश और स्थिति के अनुसार ऋतुएं बनती हैं।

हर महीने बदलती है सूर्य की राशि, सायन राशि प्रवेश से होता है ऋ तुओं का निर्धारण

ज्योतिषविद् के अनुसार सूर्य की गति दो तरह से होती है निरयन और सायन। सूर्य का महीनेभर में एक राशि में गोचर पूरा होता है। दो राशियों में सूर्य की स्थिति से एक ऋतु का निर्धारण होता है। 19 अप्रैल से 21 जून तक वृष और मिथुन राशि में के दौरान ग्रीष्म ऋतु हुई। जबकि सूर्य कर्क राशि में 21 जून को सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर प्रवेश करेगा। उस दिन से दक्षिणायन के साथ वर्षा ऋतु आरंभ हो जाएगी। 22 अगस्त तक वर्षा ऋतु रहेगी। इसके बाद कन्या और तुला राशि में होने पर शरद ऋतु होगी, जो 22 अगस्त से 23 अक्टूबर तक रहेगी। वृश्चिक और धनु राशि में होने पर 23 अक्टूबर से 21 दिसंबर तक हेमंत ऋतु और उसके बाद मकर और कुंभ राशि में रहने पर 21 दिसम्बर से 18 फरवरी तक शिशिर ऋतु होगी। अगले साल 18 फरवरी को सूर्य का सायन मीन और मेष राशि में होगा। इन राशियों प्रवेश के चलते बसंत ऋतु रहेगी।

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