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दो बड़े घोटाले फाइल में बंद:नए थानेदार ने कहा- बहुत जल्द बड़े आरोपी होंगे सलाखों के पीछे

जैसलमेर2 महीने पहले
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पुलिस थाना सम - Dainik Bhaskar
पुलिस थाना सम

सम थाने में लंबे समय से फाइलों में बाद 2 बड़े मामले अब नए थानेदार के आने के बाद खुलने की आशा जगी है। दरअसल सम थाने में दर्ज दो बड़े मामलों में कई बड़ी मछलियों के नाम अटके हैं। मगर इन मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही थी, लेकिन नए थानेदार दलपत सिंह चौधरी ने यकीन दिलाया है कि अपराधी कोई भी हो चाहे कितनी भी राजनीतिक अप्रोच वाला हो अगर उसने अपराध किया है तो बहुत जल्द सलाखों के पीछे होगा। दरअसल सम थाने में लाखों के घोटाले के दो मामले दर्ज है। पहला मामला तुर्कों कि बस्ती का है जिसमे फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट बनाने में 4 लाख से भी ज्यादा सरकारी राशि का गबन किया गया है। इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी राजमल रैगर मामला दर्ज होने के बाद से लगभग 3 महीने से फरार है। दूसरा मामला कनोई ग्राम सहकारी समिति का है जिसमे करीब 70 लाख रुपए का गबन हुआ है। इस मामले में तत्कालीन MD, व्यवस्थापक, ब्रांच मैनेजर व कैशियर पर मामला दर्ज किया गया है। 2 महीने पहले दर्ज हुए मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नए थानेदार ने परिवादियों को भरोसा दिलाया है कि अब बहुत जल्द कार्रवाई होगी।

फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट मामला

जैसलमेर के तुर्कों की बस्ती में मैरिज सर्टिफिकेट फर्जीवाड़े का आरोपी ग्राम विकास अधिकारी राजमल रेगर करीब 3 महीने से फरार चल रहा है। पुलिस अभी तक उसको पकड़ने में नाकामयाब रही है। हालांकि मामले में एक और आरोपी ई-मित्र संचालक को पुलिस पहले ही पकड़ कर जेल की हवा खिला चुकी है, मगर मामले में शामिल तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। दरअसल ई-मित्र संचालक अली नवाज और तुर्कों की बस्ती के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी ( वीडीओ ) ने मिलकर गबन का काम किया था। सरकारी योजना सहयोग उपहार योजना में सरकारी राशि की बंदर बांट करने के लिए गांव के लोगों के 79 फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाए थे। भास्कर एप में इस मामले को एक्सपोज करने के बाद 9 सितंबर को सम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मामला दर्ज होने के बाद दोनों नही फरार हो गए थे। पुलिस ने ई-मित्र संचालक अली नवाज को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था और ग्राम विकास अधिकारी को मामले में शामिल होने के आरोप में सम पंचायत समिति के बीडीओ ने निलंबित कर दिया था। करीब तीन महीने से वीडीओ पुलिस की पकड़ से दूर है।

कनोई जीएसएस में 70 लाख का गबन

दी जैसलमेर सेंट्रल को-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड के तहत कनोई ग्राम सहकारी समिति के अध्यक्ष रोजे खान ने तत्कालीन MD जगदीश सुथार, व्यवस्थापक, ब्रांच मैनेजर व कैशियर पर सम थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। रोजे खान ने आरोप लगाया कि साल 2020 में इन सबने मिलकर उसके फर्जी हस्ताक्षर करके चेक के माध्यम से 70 लाख रुपए का गबन किया है। गबन के मामले में सरकारी जांच भी हो चुकी है और उसमे भी ये सामने आया कि इन चारों ने फर्जी तरीके से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। मामला दर्ज होने के करीब 2 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक एक भी आरोपी से पूछताछ नहीं कि गई है। लंबा समय बीत जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में तो नहीं चला गया उसको लेकर परिवादियों को अब नए थानेदार से उम्मीद जगी है कि अब बड़े लोगों पर गाज गिरेगी और गरीबों को न्याय मिलेगा।

जल्द होगी कार्रवाई

सम थानाधिकारी दलपत चौधरी ने बताया कि मैंने हाल में सम थानाधिकारी के तौर पर ड्यूटी जॉइन कि है। मामले की आगे की जांच कर रहा हूं और कोई भी मामले में शामिल है उसको छोड़ा नहीं जाएगा।