पर्यटन / जुलाई में पर्यटन सीजन, कोरोना की दहशत से शुरुआत में पर्यटकों के आने की उम्मीद नहीं

Tourist season in July, due to the panic of Corona, tourists are not expected to arrive in the beginning
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Tourist season in July, due to the panic of Corona, tourists are not expected to arrive in the beginning

  • जैसलमेर की अर्थव्यवस्था को लगेगा बड़ा झटका, पर्यटन पर ही टिकी है जैसलमेर की अर्थव्यवस्था

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:55 AM IST

जैसलमेर. जुलाई माह आते ही पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिल उठते हैं लेकिन इस बार अभी भी चेहरे मुरझाए हुए हैं। कोरोना ने जहां पिछली सीजन के आखिरी समय को बड़ा झटका दिया था वहीं इस सीजन की शुरूआत बिगड़नी तय है। जानकारी के अनुसार जुलाई माह में देसी विदेशी पर्यटकों की आवक शुरू हो जाती है लेकिन इस बार एक भी सैलानी के आने की उम्मीद नहीं है। पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार 10 जुलाई से सीजन का आगाज होता है। इससे पहले पर्यटन व्यवसायी तैयारी में जुट जाते हैं।

खासतौर से विदेशी सैलानियों की आवक जुलाई व अगस्त माह में ही होती है। इस बार उम्मीद बिल्कुल नहीं है।  गौरतलब है कि जैसलमेर में पर्यटन सीजन का समय जुलाई माह से अप्रैल माह तक है। गत सीजन रिकार्ड तोड़ सैलानी आए लेकिन 22 मार्च के बाद लॉकडाउन के चलते सीजन का आखिरी समय पिट गया है। इस बार अप्रैल माह में अच्छी बुकिंग थी लेकिन सब कैंसिल हो गई और भारी नुकसान झेलना पड़ा। 

अब जैसलमेर को होगा भारी आर्थिक नुकसान, आगामी सीजन पर भी मंडरा रहे हैं संकट के बादल

जैसलमेर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पर्यटन पर ही टिकी हुई है। यहां हर साल 7 से 8 लाख तक सैलानी आते हैं। कोरोना की शुरूआत में जैसलमेर में ऑफ सीजन की दस्तक थी इसलिए पर्यटन इंडस्ट्री को कम नुकसान हुआ। लेकिन अब कोरोना का वास्तविक असर देखने को मिलेगा। जब सीजन की शुरूआत पिटेगी और उसके बाद भी संकट छाया रहेगा।

एक अनुमान के मुताबिक जैसलमेर में 500 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर पर्यटन से है और उस पर संकट छाया हुआ है। जुलाई अगस्त में सैलानियों की अच्छी आवक होने के बाद देसी सैलानियों का बूम रहता है। सितंबर के बाद लाखों की संख्या में देसी सैलानी यहां आते हैं। जैसलमेर का पूरा दारोमदार इसी सीजन पर टिका रहता है लेकिन इस बार इस सीजन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

 इस बार तो सैकड़े की संख्या पार करना मुश्किल
रेल सेवा और हवाई सेवा बंद है। ऐसे में जुलाई माह में तो एक भी सैलानी के आने की उम्मीद नहीं है। पर्यटन से जुड़े लोगों के अनुसार अक्टूबर व नवंबर माह में थोड़ी बहुत सैलानियों के आने की उम्मीद रहेगी। जानकारी के अनुसार 12 अगस्त तक सभी ट्रेनें बंद है। जैसलमेर से तो एक भी ट्रेन का संचालन नहीं हो रहा है। वहीं हवाई सेवा भी ठप है और बसों का संचालन शुरू हो गया लेकिन वह भी अभी पटरी पर नहीं है। इस बार इस सीजन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

पांच साल का लेखा जोखा

वर्ष    देसी    विदेशी 
जुलाई 2015    11560    2830
जुलाई 2016    26700    6375
जुलाई 2017    32239    8259
जुलाई 2018    37714    9708
जुलाई 2019    12320    2717

चिंताजनक : सीजन की शुरुआत रहेगी फीकी
सीजन की शुरूआत अच्छी रहती है तो पूरी सीजन बेहतर होती है लेकिन इस बार सीजन की शुरूआती फीकी रहेगी। पर्यटन व्यवसायी इसे लेकर चिंतित है। उनके अनुसार इस बार विदेशी सैलानियों की आवक तो नहीं के बराबर होगी। हालांकि जैसलमेर की पहचान विदेशी सैलानियों के आने से ही है। पिछले कुछ सालों से विदेशी सैलानियों की आवक कम हुई है फिर भी हर साल 1 लाख विदेशी सैलानी आते हैं। लेकिन इस बार विदेशी सैलानी नहीं आ सकेंगे। 

  • कोरोना से पर्यटन को भारी नुकसान हुआ है। कोरोना की शुरूआत के समय तो ऑफ सीजन की दस्तक थी। ऐसे में इसका वास्तविक नुकसान तो अब सीजन की शुरूआत में देखने को मिलेगा। पर्यटन व्यवसायी चिंतित है। शुरूआत पिटनी तय है और उसके बाद अक्टूबर व नवंबर की सीजन से उम्मीद रहेगी। 

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