स्वर्णनगरी का पर्यटन:सीजन से पहले पर्यटकों की आवक शुरू, तीसरी लहर आई तो पर्यटन को 500 करोड़ का नुकसान

जैसलमेर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • एक तरफ पर्यटकों के आने की खुशी तो दूसरी तरफ तीसरी लहर का डर
  • कोरोना की तीसरी लहर नहीं आई तो जनवरी के बाद आएंगेे विदेशी सैलानी

स्वर्णनगरी का पर्यटन इन दिनों सैलानियों से रोशन तो हो रहा है, लेकिन इस बीच तीसरी लहर की आशंका भी सता रही है। उम्मीद के अनुसार सैलानियों की आवक शुरू हो चुकी है। शहर के पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की चहल पहल देखी जा रही है।

सम व खुहड़ी के रिसोर्ट भी फिर से शुरू हो गए हैं। होटल संचालकों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। पर्यटकों की आवक से पर्यटन से जुड़े व्यापारियों की उम्मीदें हिलोरे मार रही है,लेकिन साथ ही साथ कोरोना का डर अभी खत्म नहीं हुआ है।

इस तरह से जैसलमेर में कोरोना गाइडलाइन को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। इसके अनुसार तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। हालांकि फिलहाल कोरोना के मरीज सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन यदि शुरूआत हो जाती है तो लापरवाही के चलते मरीजों का आंकड़ा यकायक बढ़ सकता है।

सम व खुहड़ी में शुरू हुए रिसोर्ट, दिसंबर तक 3 लाख से ज्यादा सैलानी आने की उम्मीद

पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार जिस हिसाब से वर्तमान में आवक शुरू हो चुकी है उससे यही उम्मीद है कि इस बार रिकार्ड तोड़ पर्यटन सीजन रहेगी। आगामी दिसंबर तक 3 लाख से अधिक सैलानियों के आने की संभावना है। यदि इतने सैलानी आते हैं तो गत सीजन के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।

सम व खुहड़ी में पिछले एक साल से रिसोर्ट बंद पड़े हैं। फिलहाल कोरोना का खतरा कम है और सैलानी आने शुरू हो चुके हैं, ऐसे में धोरों के बीच बने सभी रिसोर्ट शुरू हो चुके हैं। रिसोर्ट संचालकों ने तैयारियां पूरी कर ली है, स्टाफ भी बुला लिया है।

वर्तमान में धोरों पर सैलानियों की चहल पहल भी देखने को मिल रही है। मार्च 2020 से लेकर अब तक करोड़ों का नुकसान पर्यटन व्यवसाय को हो चुका है। कोरोना काल में सर्वाधिक नुकसान पर्यटन ने ही झेला है। 2020 में मार्च व अप्रैल की सीजन पूरी तरह चौपट हो गई थी।

उसके बाद ऑफ सीजन थी। वही जुलाई से शुरू हाेने वाली नवंबर तक पिट गई। उसके बाद थोड़े बहुत सैलानी लेकिन इस बार फिर कोरोना ने जैसलमेर को अपनी चपेट में ले लिया। अब हालात सुधरे हुए हैं और उम्मीद के साथ प्रार्थना की जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर न आए।

वर्तमान में देसी सैलानियों की आवक हो रही है, जिन पर्यटन कारोबारियों का काम विदेशी पर्यटकों पर निर्भर है वे दो साल से खाली बैठे हैं और अभी भी यही हालात है। जानकारों का कहना है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी के बाद से विदेशी सैलानी आ सकेंगे।

मरीज बढ़े ताे मैरिज टूरिज्म पर संशय बरकरार

यदि कोरोना के मरीज बढ़ने लगे और तीसरी लहर ने दस्तक दे दी तो पर्यटन चौपट हो जाएगा। जानकारों के अनुसार सितंबर से लेकर दिसंबर तक पर्यटन को 500 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है और उस पर पानी फिर जाएगा। ऐसे में लोग यही कामना कर रहे हैं कि तीसरी लहर न आए और इस बार रिकार्ड तोड़ सैलानी आ जाए जिससे पिछले नुकसान की भरपाई हो सके।

जानकारी के अनुसार आगामी नवंबर से फरवरी तक जैसलमेर में कई बड़े घरानों के शादी समारोह की बुकिंग है। बताया जा रहा है कि गत साल जैसलमेर में कई बड़े समारोह रद्द करने पड़े थे। वर्तमान में शहर की बड़ी होटलों में शादी समारोह के लिए बुकिंग करवाने की बात चल रही है लेकिन हर किसी के मन में तीसरी लहर को लेकर भय बना हुआ है।

यदि सब कुछ सामान्य रहा तो इस दौरान 50 से अधिक बड़े शादी समारोह होंगे। वर्तमान में कोरोना के मरीज सामने नहीं आ रहे हैं। अब केवल तीन एक्टिव केस रहे हैं। बताया जा रहा है कि यदि स्थिति रही तो आगामी कुछ ही दिनों में जैसलमेर कोरोना मुक्त हो जाएगा। इस बीच सैलानियों ने जैसलमेर की तरफ रूख करना शुरू कर दिया है।

फिलहाल सीजन शुरू हो चुकी है, कुछ सैलानी भी पहुंचने लगे हैं। एक तरफ तो पर्यटकों की आवक से खुशी है लेकिन दूसरी तरफ तीसरी लहर का डर भी सता रहा है। हम तो यही प्रार्थना करते हैं कि तीसरी लहर न आए और रिकार्ड तोड़ सैलानी जैसलमेर पहुंचे। - कैलाश व्यास, रिसोर्ट संचालक।

हमें सजग रहने की जरूरत है, बाहर से आने वाले सैलानी भी सजग रहे और सभी मिलकर कोरोना गाइडलाइन की पालना गंभीरता से करे ताकि जैसलमेर को तीसरी लहर से बचाया जा सके। ऐसा होता है तो आगामी पर्यटन सीजन अब तक की सबसे बेस्ट सीजन होगी। -मयंक भाटिया, होटल संचालक।

खबरें और भी हैं...