देश की बेटियां सीमाओं की रक्षा में तैनात:महिला शक्ति पर देश की सीमाओं का दाराेमदार, अब यह जिम्मा बीएसएफ में निभा रही हैं बेटियां

जैसलमेर2 महीने पहलेलेखक: सुधीर थानवी व दीपक शर्मा
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तपते रेगिस्तान में जहां पानी की कमी हमेशा रहती है। ऐसी विकट परिस्थितियों के बावजूद देश की बेटियां सीमाओं की रक्षा में तैनात है। - Dainik Bhaskar
तपते रेगिस्तान में जहां पानी की कमी हमेशा रहती है। ऐसी विकट परिस्थितियों के बावजूद देश की बेटियां सीमाओं की रक्षा में तैनात है।

मोनिका, शुभांगी, पुष्पा व रूपाली यह नाम तो सामान्य है। लेकिन इनके द्वारा किया जाने वाला काम बेहद कठिन है। तपते रेगिस्तान में जहां पानी की कमी हमेशा रहती है। ऐसी विकट परिस्थितियों के बावजूद देश की बेटियां सीमाओं की रक्षा में तैनात है। अपने घर-परिवार से दूर बीओपी पर तैनात महिला कांस्टेबलों की नजरे हर समय चौकस है।

इसके साथ ही रेगिस्तान में महिला कांस्टेबलों द्वारा तारबंदी पर भी कड़ी निगाहे रखी जा रही है। ताकि दुश्मन देश से कोई भी प्रकार की अवांछनीय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। देश के रक्षकों के कारण ही सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित है।

इन्हीं जवानों के हौसलों के कारण ही दुश्मन देश चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है। नवरात्रा के चलते हर शक्तिपीठ पर मां के जयकारे है। लेकिन इसके साथ ही हमारी सुरक्षा में तैनात यह बेटियां भी कम नहीं है। इनकी चौकस निगाहों से सीमा पर कोई नापाक हरकत बच नहीं सकती।

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