इस्तीफे के बाद मिली सौगात:MLA हेमाराम के इस्तीफे का असर, 33केवी के 3 सबस्टेशन, पेयजल परियोजना के लिए 1427 करोड़ की स्वीकृति

बाड़मेर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी, जो लंबे समय से क्षेत्र के विकास की बात कर  रहे थे। - Dainik Bhaskar
गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी, जो लंबे समय से क्षेत्र के विकास की बात कर रहे थे।

गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे के 8 दिन बाद गहलोत सरकार ने पिछले कई वर्षो से रुके तीन 33 केवी सब स्टेशन व नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना को स्वीकृति दी गई हैं। इस्तीफे बाद गुड़ामालानी विधानसभा में जोधपुर डिस्कॉम ने 33/11 केवी क्षमता के 3 जीएएएस (विद्युत सब स्टेशन) की स्वीकृति जारी कर दी है। वर्ष 2013-14 और 2019-20 बजट में स्वीकृत 1427 करोड़ की नर्मदा नहर आधारित जल परियोजना को सरकार ने स्वीकृति दे दी।

गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी ने 18 मई को विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया था। इसके बाद राजस्थान की राजनीति में भूचाल आ गया था। पक्ष और विपक्ष नेताओं की तरफ से बयान आने लगे थे। इस्तीफे के बाद केयर्न वेदांता की आरजीटी (रागेश्वरी गैस टर्मिनल) कंपनी के गेट के आगे तीन तक धरना दिया। आखिरकार कंपनी को जनता से जुड़ी 6 मांगें माननी पड़ी। विधायक हेमाराम चौधरी छठी बार विधायक बनने के बाद से लगातार नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनकी ही पार्टी की सरकार ने चौधरी की डिमांड तब मानी जब उन्होंने इस्तीफा दिया।

33 केवी के 3 सब स्टेशन स्वीकृत

विधायक हेमाराम चौधरी की काफी लंबे समय लम्बित मांगो पर सरकार ध्यान देते हुए गुड़ामालानी क्षेत्र में जोधपुर डिस्कॉम ने 33/11 केवी क्षमता की तीन जीएसएस की स्वीकृति जारी कर दी। गुड़ामालानी क्षेत्र के छोटू, आलमसरिया और मीठी बेरी में 33 केवी के सब स्टेशन इस वर्ष बनकर तैयार हो जाएगें इससे क्षेत्र की जनता को वोल्टेज, ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और विद्युत क्षमता में वृद्धि होगी। इस वित्तीय वर्ष यह तीनों सब स्टेशन तैयार हो जाएगें।

पेयजल परियोजना के लिए 1427 करोड़ की स्वीकृति

वर्ष 2013-14 के बजट में नर्मदा नहर से गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए पीने की घोषणा की गई थी। पूर्ववर्ती सरकार इस पर कोई कार्यवाही नही की। वर्ष 2019-20 के बजट में फिर इसकी घोषणा की गई थी, परन्तु पिछले दो बजटों में इस पर कोई कार्यवाही नही हुई। अब 1427 करोड़ की स्वीकृति मिली हैं। जून 2021 से दिसम्बर 2021 तक टेडर प्रक्रिया और जनवरी 2022 से दिसम्बर 2024 तक का पूरा करना होग। इस परियोजना से करीब-करीब गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र नहर आधारित पेयजल परियोजना से जुड़ जाएगा।

खबरें और भी हैं...