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कोरोना का कहर जारी:30 घंटे में जिले में 23 मौतें; अब मौतें इतनी कि आंकड़े छिपाने लगा है विभाग, सरकारी रिकार्ड में सिर्फ तीन

बाड़मेर6 महीने पहलेलेखक: लाखाराम जाखड़
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

कोरोना के कारण अस्पताल बेड से लेकर ऑक्सीजन तक जूझ रहे हैं। हाल ये है कि मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसको रोकने के इंतजाम में सरकारों और सिस्टम दोनों की सांसें फूल रही है। अस्पतालों से अब हैरान करने वाले आंकड़ों आ रहे हैं। जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में पिछले 30 घंटों में 15 लोग कोरोना की वजह से दम तोड़ चुके हैं, जबकि बालोतरा में 8 लोगों की मौत हुई है।

चौंकाने वाली बात ये है कि सरकारी आंकड़ों में सिर्फ तीन लोगों की ही मौत दर्ज की गई है। जबकि जिले में 23 मौतें हुई हैं, जिसमें अधिकांश मौतें एचआरसीटी रिपोर्ट में आए संक्रमित मरीजों की है। इधर, बुधवार को बाड़मेर जिले में 139 कोरोना पॉजिटिव केस आए है। एक्टिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ कर 2142 तक पहुंच गया है। सीटी स्केन पॉजिटिव भर्ती मरीजों का आंकड़ा 341 हो गया है। तीन नई मौत के आंकड़ों के साथ अब आंकड़ा 102 तक पहुंच गया है।

​​​जिला अस्पताल-15 मौतें, 12 एचआरसीटी रिपोर्ट में मिले थे संक्रमित
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. बीएल मंसुरिया ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार शाम 5 बजे तक 30 घंटे में बाड़मेर जिला अस्पताल में 15 मौतें हुई है। इसमें 12 संक्रमित मरीजों की एचआरसीटी रिपोर्ट में संक्रमण था, जबकि 3 मौतें आरटीपीसीआर संक्रमित मरीजों की है।

नाहटा अस्पताल- बालोतरा व सिवाना में आठ मौतें, रोज बढ़ रहा आंकड़ा
कोरोना की बढ़ती रफ्तार अब जानलेवा बन चुकी है। मौतों का आंकड़ा रोज दोगुना हो रहा है। बालोतरा के नाहटा अस्पताल और सिवाना में कुल 8 कोरोना रोगियों ने दम तोड़ा है। इसमें आरटीपीसीआर और सीटी स्केन मरीज शामिल है। अधिकांश वे मरीज है जो ऑक्सीजन पर थे और सीटी स्केन पॉजिटिव थे।

श्मशान घाट- 30 घंटे में हुआ 6 कोरोना संक्रमितों का दाह संस्कार
श्मशान घाट विकास समिति के भैरूसिंह फुलवारिया ने बताया कि मंगलवार सुबह से लेकर बुधवार शाम तक कुल 13 शव आए है। इसमें 6 कोरोना पॉजिटिव शव का दाह संस्कार हुआ है। मंगलवार को 3 और बुधवार को 3 कोरोना रोगी की मौत के बाद शव दाह संस्कार के लिए लाए गए।

गुलजग ऑक्सीजन प्लांट 15 दिनों से लगातार रोजाना 24 घंटे चल रहा

मेडिकल कॉलेज के पास गुलजग ऑक्सीजन प्लांट है। इसे सरकार के निर्देश पर अब 15 अप्रैल से 24 घंटे चलाया जा रहा है। प्लांट की क्षमता 24 घंटे में 350 सिलेंडर की है, लेकिन यहां 17 कर्मचारी 24 घंटे सेवाएं देकर रोज क्षमता से ज्यादा 30 सिलेंडर भर रहे हैं, ताकि ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं जाए। प्लांट मैनेजर प्रदीप सोलंकी ने बताया कि अलग-अलग पारियों में 17 कर्मचारी 24 घंटे प्लांट को संचालित कर 7 क्यूबिक मीटर और 1.5 क्यूबिक मीटर के सिलेंडर भर कर प्रशासन को दे रहे हैं।

अस्पतालों के दो प्लांट उत्पादन 110 सिलेंडर

बाड़मेर जिला अस्पताल में 90 और बालोतरा के नाहटा अस्पताल 40 सिलेंडर की क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट चालू है। लेकिन यहां से रोज 110 सिलेंडर ही ऑक्सीजन उत्पादन हो रहा है। बढ़ते मरीजों के कारण ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ गई है, ऐसे में पचपदरा और जोधपुर से भी ऑक्सीजन के सिलेंडर राेज मंगवाने पड़ रहे हैं।

ऑक्सीजन की डिमांड पहुंची 1000 सिलेंडर तक

जिले में भर्ती मरीजों के लिए 1000 सिलेंडर की जरूरत है। जिला अस्पताल को रोज 700 सिलेंडर व बालोतरा समेत जिले के अन्य अस्पतालों को 300 सिलेंडर चाहिए। बाड़मेर जिले में 350 सिलेंडर गुलजग, 130 सिलेंडर बाड़मेर-बालोतरा प्लांट से उत्पादन हो रहे, जबकि शेष सिलेंडर पचपदरा और जोधपुर से मंगवाने पड़ रहे है।

जिला अस्पताल में मौतें बढ़ रही है, हमने आज तीन काउंट की हैं। अधिकांश मौते एचआरसीटी जांच वाले मरीजों की है। बुधवार को जिला अस्पताल में ऐसे 10 लोगों की मौत हुई। अब रोज हम दोनों जांचों के अलग अलग आंकड़े मंगवा रहे है, ताकि स्थिति साफ हो।-डॉ. बीएल विश्नोई, सीएमएचओ, बाड़मेर

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