सूखे की चपेट:16 तहसीलों के 2759 गांव अभावग्रस्त घाेषित बाड़मेर के 120 और सिवाना के 27 गांव वंचित

बाड़मेर11 दिन पहले
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जिले की 16 तहसीलों के 2759 गांवों को राज्य सरकार ने अभावग्रस्त घोषित किया है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
जिले की 16 तहसीलों के 2759 गांवों को राज्य सरकार ने अभावग्रस्त घोषित किया है। (फाइल फोटो)

जिले की 16 तहसीलों के 2759 गांवों को राज्य सरकार ने अभावग्रस्त घोषित किया है। जुलाई-अगस्त में बारिश नहीं होने से जिले में अधिकांश गांव सूखे की चपेट में थे। किसानों ने जो फसलें बुआई की थी, वो जल गई थी। हर तरफ सूखा था। सरकार ने समय से पूर्व गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिले की सभी 16 तहसीलों में पटवारी आरआई ने अकाल को देखते हुए रिपोर्ट दी।

इससे 2956 में से 2759 गांव सूखाग्रस्त घोषित हो गए। बाड़मेर तहसील के कई पटवार मंडल से खराबे की रिपोर्ट सही नहीं मिलने से 120 गांवों की रिपोर्ट 25 प्रतिशत खराबे तक की ही गई। इसी वजह से बाड़मेर के 120 और सिवाना तहसील के 27 गांव सूखाग्रस्त से बाहर हो गए।

भास्कर पड़ताल: जिले के 2759 गांवों के 540261 किसान अभावग्रस्त, जहां 33% खराबा हुआ, अकाल राहत कार्य शुरू होंगे

बाड़मेर जिले की बाड़मेर, रामसर, बायतु, गिड़ा, शिव, गडरारोड, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना, सिणधरी, चौहटन, सेड़वा, सिवाना, समदड़ी, पचपदरा, धनाऊ व कल्याणपुर तहसील के 2759 गांव अभावग्रस्त घोषित किए गए है। इन 2759 गांवों में 540261 किसान अभावग्रस्त श्रेणी में है। इन किसानों के 33 प्रतिशत से ज्यादा खराबा हुआ है। इन गांवों में सरकार की ओर से राहत कार्ययोजना के तहत पशु चारागाह, पेयजल के इंतजाम करने के निर्देश है।

बाड़मेर के 120 और सिवाना के 27 गांवों में फसल खराबा नहीं
सरकार की ओर से अभावग्रस्त गांवों की जारी की गई सूची से बाड़मेर जिले के हाथीतला, गरल, शिवकर, मूढ़ों की ढाणी, खुडासा आरआई सर्किल के 120 गांव अभावग्रस्त से वंचित है। इन गांवों के गांवों में पटवारियों की रिपोर्ट में 33 प्रतिशत से भी कम खराबा बताया गया है। सिवाना के भी ऐसे 27 गांव है।

हाथीतला आरआई सर्किल के सनावड़ा, हाथीतला, रामदेरिया, डूंगरों का तला, कगाऊ, मूढ़ों का तला, जाखड़ों की ढाणी ग्राम पंचायत के किसानों को 2018 के बाद पिछले तीन साल से कभी रिपोर्ट किसानों के पक्ष में नहीं गई। इससे आदान-अनुदान से वंचित रखा गया है। विभाग स्तर पर भी गिरदावरी रिपोर्ट की सही मॉनिटरिंग नहीं हो रही है।

बाड़मेर जिले में कब-कब अकाल की चपेट में रहा

वर्ष - अभावग्रस्त गांव
2014 - 1600
2015 - 1470
2016 - 2478
2017 - 1900

वर्ष - अभावग्रस्त गांव
2018 - 2694
2019 - 223
2020 - 361
2021 - 2759

बाड़मेर तहसील के 110 गांव अभावग्रस्त से बाहर है। सरकार ने पटवारी और आरआई से फसल खराबे का सर्वे करवाया था। पटवारियों ने इन गांवों में 33 प्रतिशत से कम खराबा माना था, इसी वजह से ये गांव अभावग्रस्त श्रेणी से बाहर हुए है। -प्रेमसिंह माचरा, तहसीलदार, बाड़मेर।

बाड़मेर जिले के 2759 गांव अभावग्रस्त घोषित हुए है। इन गांवों में सरकार जल्द अकाल राहत के काम शुरू करेगी। अभावग्रस्त घोषित हुए गांवों में 5.40 लाख किसान अनुदान देय की श्रेणी में आ रहे है। -ओपी विश्नोई, एडीएम, बाड़मेर।

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