मानसून के 48 घंटे:सेड़वा में बरसा 3 इंच पानी, ये समुद्री तट नहीं रेडाणा का रण है

बाड़मेरएक महीने पहले
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दक्षिण की हवाओं के साथ आने वाली अरब सागर की भाप बनाती है उमस । - Dainik Bhaskar
दक्षिण की हवाओं के साथ आने वाली अरब सागर की भाप बनाती है उमस ।

10 दिन देरी से ही सही, लेकिन बाड़मेर में मानसून ने दस्तक दे दी है। आसमान में चहुंओर काले घने बादल, बिजली की चमक और गर्जना के साथ ही बारिश का दौर शुरू हो गया है। लंबे इंतजार के बाद हाे रही बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए है, लेकिन पिछले दो दिनों से कम दबाव का क्षेत्र बना होने से छाए काले घने बादल कम बरस रहे है।

इसी वजह से जिले के कुछ हिस्सों को छोड़ अधिकांश हिस्से अभी भी सूखे की चपेट में है। पिछले दो दिनों में सबसे ज्यादा बारिश सेड़वा तहसील क्षेत्र में 78 एमएम हुई है। जबकि रामसर में 13, बायतु में 8, गिड़ा में 3, शिव में 12, गडरारोड में 31, चौहटन में 8, धोरीमन्ना में 12, सिणधरी व बालोतरा में 13-13 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। ये बारिश पिछले 48 घंटों में जिले के अलग-अलग हिस्सों में हुई है। रविवार को शिव में 6, सिणधरी में 3 एमएम बारिश हुई। रविवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 36.4 डिग्री और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के मुताबिक आगामी डेढ़ सप्ताह तक यह मानसून सक्रिय रहेगा। ऐसे में इस बीच कई बार तेज और तूफानी बारिश की संभावना है। सोमवार को भी बाड़मेर जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश होगी। मौैसम विभाग ने आगामी 14 जुलाई तक जिले के कई हिस्सों में तेज मेघगर्जन, आकाशीय बिजली की चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।

कम दबाव का क्षेत्र
बारिश के लिए सबसे जरूरी परिस्थिति है। कम दबाव को क्षेत्र यदि किसी शहर के ऊपर बनता है तो हवाएं व बादल उसी क्षेत्र में एकत्र होने लगते हैं व बारिश की संभावना बनती है।

ऊपरी हवाओं में चक्रवात }जिस शहर के ऊपर ऊपरी हवाओं में चक्रवात बनता है तो बादलों व हवाओं की दिशा उस क्षेत्र की तरफ होने लगता है और वहां बारिश की संभावना बनने लगती है। बाड़मेर. रामसर क्षेत्र में स्थित नमक के इस रण में रविवार को तेज बारिश के बाद पानी का भराव हो गया। नजारा किसी समुद्री तट से कम नहीं था। यहां अब बारिश के दिनों में लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं।

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