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भास्कर एनालिसिस:5 दिन पहले चारा खरीदने पंजाब गई टीम, 2 ट्रैक्टर व 3 ट्रक गेहूं का चारा लेकर आज पहुंचेगी बाड़मेर, 30% महंगा खरीदना पड़ा

बाड़मेरएक महीने पहले
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टीम 5 दिन पंजाब में रही, 10 लाख में 70 टन चारा खरीदा - Dainik Bhaskar
टीम 5 दिन पंजाब में रही, 10 लाख में 70 टन चारा खरीदा

बाड़मेर में भीषण अकाल की स्थिति में सूखे चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। राजस्थान में चारा नहीं मिलने से अब पंजाब से चारा मंगवाने के लिए सरकार के निर्देश पर बाड़मेर कलेक्टर ने एक टीम 19 मई को भेजी थी। करीब 5 दिन बीत जाने के बाद अब सरकारी रेट से 30% ज्यादा रेट देकर पंजाब से 10 लाख रुपए का चारा खरीदा है। बाड़मेर ग्रामीण तहसील चंदन पंवार के नेतृत्व में टीम ने पंजाब के डबवाली से चारा खरीद कर 2 ट्रैक्टर व 3 ट्रक में भरकर रवाना किया है। बुधवार को सूखा चारा बाड़मेर पहुंचेगा। चौंकाने वाली बात ये है कि प्रशासन की ओर से पंजाब से खरीदे गए चारे से 10 शिविर सिर्फ 10 दिन के लिए ही संचालित हो पाएंगे। जबकि बाड़मेर में 232 पशु शिविर स्वीकृत है। सरकार ने गेहूं के चारे की रेट 1000 रुपए क्विंटल तय कर रखी है, जबकि पंजाब से 1425 रुपए क्विंटल चारा खरीदा गया है।

चारे की कमी के कारण वहां से इस दर में भी बाड़मेर के लिए चारा परिवहन के लिए व्यापारी तैयार नहीं है। ऐसे में बाड़मेर प्रशासन की टीम ने करीब 5 दिन तक मशक्कत करने के बाद 2 ट्रैक्टर व 3 ट्रक वालों को बाड़मेर चारा परिवहन करने के लिए तय कर मंगलवार को रवाना किया है।

भास्कर एनालिसिस: पंजाब से 70 टन चारा खरीदा, 1500 पशुओं के लिए 10 दिन ही चलेगा, वजह: 232 स्वीकृत शिविरों में सिर्फ 10 ही शुरू होंगे

पंजाब में 30% महंगा चारा फिर भी नहीं मिल रहा
सरकार सरकार ने काश्तकारों को अनुदानित दर पर चारा उपलब्ध करवाने के लिए जिला स्तरीय दर निर्धारण कमेटी की ओर से तय की गई है। बाड़मेर में गेहूं के खाखले की दर 1000 रुपए क्विंटल तय है, जबकि पंजाब के लिए बाड़मेर ग्रामीण तहसीलदार चंदन पंवार के नेतृत्व में चारा खरीदने के लिए गई 4 सदस्यीय टीम को वहां इस दर में चारा उपलब्ध नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में बाड़मेर कलेक्टर ने सरकार ने 30% महंगी दर पर चारा खरीदने के लिए फिर से स्वीकृति ली और अब 1425 रुपए क्विंटल के हिसाब से गेहूं का खाखला खरीदा गया है।

पंजाब गई टीम ने 70 टन ही चारा खरीदा
बाड़मेर जिले में 51.48 लाख पशुधन है, जिसमें 9.06 लाख गोवंश है। बाड़मेर कलेक्टर ने 10 लाख रुपए देकर टीम को पंजाब चारा खरीदने के लिए भेजा। 5 दिन रुककर टीम ने 10 लाख रुपए में 70 टन चारा खरीदा है। 70 टन चारा 1500 पशुओं के लिए 10 दिन के लिए ही उपलब्ध हो पाएगा। जबकि जिले में 232 शिविर स्वीकृत है, इस उपलब्ध चारे से सिर्फ 10 शिविर ही संचालित हो पाएंगे।

आज टीम दो ट्रैक्टर, 3 ट्रक चारे को लेकर बाड़मेर आएगी
पंजाब के डबवाली से गेहूं के खाखले को बाड़मेर तक परिवहन के लिए गाडिय़ां आना नहीं चाहती है। प्रशासनिक टीम को वहां से ट्रक नहीं मिले तो दो ट्रैक्टरों को भी चारे से भरकर रवाना किया है। इसके अलावा 3 ट्रक भी चारे के भरकर बुधवार को बाड़मेर पहुंचेंगे। बाड़मेर ग्रामीण तहसीलदार चंदन पंवार ने बताया कि पंजाब से बाड़मेर के लिए ट्रक आने को तैयार नहीं है, उनका तर्क है कि वहां से वापिस आते समय उन्हें भाड़ा नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक टीम को बड़ी मशक्कत से ट्रक व ट्रैक्टरों का जुगाड़ करना पड़ा।

चारे का संकट, यूपी, हरियाणा और राजस्थान ने दूसरे राज्यों में बेचने पर लगा रखी है रोक
देशभर में सूखे चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। इसी वजह से राजस्थान, हरियाणा और यूपी ने सूखा चारा दूसरे राज्यों को बेचने पर रोक लगा रखी है। इन राज्यों को पंजाब से चारा खरीदना पड़ रहा है। पंजाब के पड़ोसी राज्य राजस्थान, हरियाणा और यूपी में चारे की कमी के कारण अब पंजाब में भी चारे के भाव 30 प्रतिशत तक बढ़ गए है। 1500 रुपए क्विंटल के भाव से मिल रहा है। अब गेहूं का भूसा अब पेपर मील में भी उपयोग होने लगा है, ऐसे में पंजाब से ये सूखा चारा ट्रांसपोर्ट होकर पेपर मील तक पहुंच रहा है।

  • पंजाब में भी चारे की कमी है, बड़ी मशक्कत के बाद गाडिय़ां तय कर चारा खरीदा है। बाड़मेर आने के लिए कोई तैयार नहीं है। चारा पेपर मील में जा रहा है, इसी वजह से भी कमी हो गई है। बाड़मेर के लिए 2 ट्रैक्टर और 3 ट्रक चारे के खरीद कर रवाना किए है। - चंदन पंवार, तहसीलदार, बाड़मेर ग्रामीण।
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