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पहली बार बंपर बाजरा:11 साल बाद 52% अधिक बारिश प्रदेश में सर्वाधिक 36 लाख मीट्रिक टन बाजरा बाड़मेर जिले में 15.20 लाख के मुकाबले

बाड़मेर11 दिन पहलेलेखक: पूनमसिंह राठौड़
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शिव के पीथोरानगर में बाजरे की फसल के साथ किसान। - Dainik Bhaskar
शिव के पीथोरानगर में बाजरे की फसल के साथ किसान।

हर दूसरे साल सूखे की मार झेल रहे बाड़मेर में इस बार प्रदेश में सर्वाधिक 9.43 लाख हैक्टेयर में बुआई हुई है। 11 साल बाद पहली बार औसत से 52 प्रतिशत अधिक बारिश से बाजरे की बंपर पैदावार का अनुमान है। खास बात यह है कि हर साल अच्छे सुकाल में बाजरे की फसल की लंबाई 5 से 7 फीट होती है। इस बार कई गांवों में बाजरे की फसल 10 से 12 फीट तक पहुंच गई है। कृषि विशेषज्ञों की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार 36 लाख मीट्रिक टन बाजरा का उत्पादन होगा।

पिछले साल से 11 लाख मीट्रिक टन पैदावार अधिक होगी। जिले में खरीफ की बुआई का लक्ष्य 15.52 लाख हेक्टेयर था। इसके मुकाबले 15.58 लाख हेक्टेयर में बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ, तिल समेत अन्य फसलों की बिजाई हुई। गौरतलब है कि देश में 78 लाख हेक्टेयर व राजस्थान में 48 लाख हेक्टेयर में बाजरे की बुआई हुई है। वहीं अकेले बाड़मेर में 9.43 लाख हेक्टेयर में सर्वाधिक बिजाई हो चुकी है।

अकाल व बाड़मेर का चोली-दामन का साथ रहा है। हर दूसरे साल सूखे के हालात बनते हैं। वर्ष 2006 से अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो 11 साल में 8 बार सूखे की मार झेली। इन सालों में जिले के अधिकांश हिस्से में बारिश के अभाव में फसलें बर्बाद हुई। पिछले पांच साल में चार साल अकाल के हालात रहे। 11 साल बाद पहली बार जिले की चारों दिशाओं में मानसून मेहरबान होने से अच्छी बारिश हुई। इस वजह से खरीफ फसलों की रिकॉर्ड बिजाई की गई। अब बंपर पैदावार की उम्मीद है। जिले में खरीफ सीजन में कृषि विभाग ने 15.20 लाख हेक्टेयर में बाजरा,ग्वार, मूंग, मोठ, तिल समेत अन्य फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया था। इस बार बाजरा 9.43 लाख हेक्टेयर, मूंग 53 हजार, मोठ 1.80 लाख, तिल 4 हजार, मूंगफली 5 हजार, अरंडी 3 हजार, ग्वार 3.31 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई है। ग्वार की लक्ष्य के मुकाबले 61 हजार हेक्टेयर में अधिक बिजाई की गई।

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