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90 दिन में करना था कमेटियों का गठन:ढाई साल बाद अब 13 अध्यक्ष बनाए, प्रशासनिक सभापति व स्वच्छता उप सभापति के पास

बाड़मेरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो

नगर परिषद बाड़मेर बोर्ड का आधा कार्यकाल बीत जाने के बाद शहरी विकास से जुड़ी कमेटियों को गठन किया गया। 27 नवंबर 2019 को नगर परिषद बाड़मेर में लगातार तीसरी बार कांग्रेस का बोर्ड बना और सभापति के पद पर दिलीप माली ने शपथ ली। इसके बाद से इस कार्यकाल के 31 माह से ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन समितियों के गठन का इंतजार ही बना रहा।

जबकि नियम यह है कि बोर्ड गठन के 90 दिनों में समितियाें का गठन किया जाना था। अब स्वायत्त शासन विभाग ने कमेटियों को फाइनल कर सूची भेजी है। 13 कमेटियों को अध्यक्ष मिले है। प्रशासनिक समिति सभापति दिलीप माली ने खुद के पास रखी है, जबकि स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति उप सभापति सुरतानसिंह को दी गई है। पिछले काफी समय से बैठकों में भी समितियों के गठन नहीं होने से पार्षदों की नाराजगी सामने आ रही थी।

13 कमेटियां: अब कमेटियों की स्वीकृति से होंगे काम
कमेटियों का नाम - अध्यक्ष
प्रशासनिक समिति - दिलीप माली
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति - सुरतानसिंह
भवन अनुज्ञा एवं संकर्म समिति - दमाराम माली
विकास समिति - पंकज सेठिया
सार्वजनिक मार्ग व भवन रोशन समिति - मिश्रीमल सुवासिया
वित्त समिति - संपतराज बोथरा
कच्ची बस्ती सुधार समिति - किशनलाल मेघवाल
नियम एवं उपविधि समिति - अशोक दर्जी
अपराधों का प्रशमन एवं समझौता समिति - निंबसिंह देवड़ा
महिला एवं बाल विकास गरीबी उन्नमूलन - रामी देवी
सार्वजनिक वितरण प्रणाली - दीन मोहम्मद
वाहन समिति - राजीव कुमार
राष्ट्रीय पर्व उत्सव समिति - गोविंद भील

यह होता है समितियों का कार्य
​​​​​​​नगर परिषद की समितियों के गठन के बाद विकास कार्य से संबंधित काम उसकी स्वीकृति लेने के बाद होता है। जब तक समितियों का गठन नहीं तक संपूर्ण काम सभापति स्वयं संभाल रहे थे। ऐसे में अब समितियां काम करेगी। बोर्ड गठन के 90 दिन में स्थानीय निकायों में समितियों का गठन किए जाने का प्रावधान है। जबकि हर बार समितियों के गठन में देरी होती है। अब समितियां राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत काम करेगी। कमेटियों के अध्यक्ष बनने के बाद बोले कि अब शहर का विकास रफ्तार पकड़ेगा। इससे कामकाज आसानी से हो सकेंगे।

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