बढ़ते डेंगू मरीजों के बीच राहत भरी खबर:जिला अस्पताल में लगेंगी एफेरेसिस मशीन, बाड़मेर में मिलेगी प्लेटलेट्स की सुविधा

बाड़मेर7 महीने पहले
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में भर्ती मरीज।

बाड़मेर में लगातार डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कम होने का नाम नहीं ले रहा है। छुट्‌टी होने के बावजूद एक दिन में 11 डेंगू के मरीज सामने आए है। अब तक जिला अस्पताल में 1259 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। राहत भरी खबर यह है कि डेंगू मरीजों के प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए एफेरेसिस मशीन के टेंडर जारी कर दिए गए है। जल्द ही मरीजों को जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा मिल जाएगी। जिला अस्पताल के सभी वार्ड फुल पडे़ है। दीपावली पर्व को लेकर छुट्टियां होने से ओपीडी दो घंटे तक ही चालू रहेगी।

दरअसल, दीपावली को लेकर छुटि्टयां होने के कारण ओपीडी दो घंटे ही शुरू है। इससे ओपीडी की में तो कमी आ गई लेकिन मरीजों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मरीज डॉक्टरों के घरों के बाहर लाइनें लगातार जांच करवा रहे है। 7 नवंबर तक ओपीडी दो घंटे ही शुरू रहेगी। बुधवार को छुट्‌टी होने के बावजूद 11 डेंगू के मरीज सामने आए है। वहीं, जिला अस्पताल के वार्ड फुल होने से अव्यवस्था का आलम छाया हुआ है। इसको लेकर बुधवार को एडीएम ओ पी विश्नोई और विधायक मेवाराम जैन ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का देखा।

बीते 16 दिनों से जिला अस्पताल के सभी वार्ड फुल पडे है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या ज्यादा है और डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या कम है। वहीं हाई स्कूल मैदान में बना कोविड फिल्ड अस्पताल में भी मरीजों की भरमार है। 100 बेड के डोम अस्पताल में करीब 60 मरीज भर्ती है।

विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि निजी कंपनी के सीएसआर फंड से प्लेटलेट्स मशीन जल्द ही लगाए जाने पर संतोष जाहिर किया। जैन ने कहा कि अवकाश के दिनों में डेंगू सहित अन्य रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देंगे। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन को पाबंद कर दिया गया गया है।

जिला अस्पताल में लगेंगी एफेरेसिस मशीनें

डेंगू सहित अन्य बीमारियों में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स चढ़ने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। एफेरेसिस मशीन ब्लड डोनर (रक्तदाता) के एक हाथ से ब्लड लेगी और प्लेटलेटस, प्लाज्मा, डब्ल्यूबीसी व आरबीसी संबंधित ब्लड कम्पोनेंट को निकाल कर शेष ब्लड कम्पोनेंट दूसरे हाथ में चढ़ा देगी। इससे डेंगू व एप्लास्टी एनीमिया के मरीजों को फायदा मिलेगा। एसडीपी से डेढ घंटे में एक डोनर 35 हजार प्लेटलेट्स बन जाती है। अब अस्पताल में मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए हाई सेंटरों पर रेफर नहीं होने से मरीजों को राहत मिलेगी। इससे मरीजों के परिजनों को आर्थिक नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा।

मरीजों की संख्या बढ़ी

बीते 34 दिनों में जिला अस्पताल में 71 हजार से अधिक लोग अपने स्वास्थ्य की जांच करवा चुके हैं। आलम यह है कि सर्दी का असर बढ़ने के साथ डेंगू के रोगियों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बाड़मेर से अभी तक डेंगू के 140 से अधिक मरीजों को प्लेटलेट्स की कमी होने पर हाई सेंटर के लिए रेफर किया जा चुका है।

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