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रेड अलर्ट महामारी जनअनुशासन पखवाड़ा:बाड़मेर के बाजार सूने होने के बाद भी बेवजह घूमते मिले लोग, पुलिस की दिखी सुस्ती

बाड़मेरएक महीने पहले
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बाड़मेर। शहर में बाजार बंद होने पर भी लोगों की आवाजाही रही। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर। शहर में बाजार बंद होने पर भी लोगों की आवाजाही रही।

जिले में कोरोना की दूसरी लहर की भयावह स्थिति को देखते हुए सरकार रेड अलर्ट महामारी जनअनुशासन पखवाड़ा चला रही है जिसमें 11 बजे के बाद किराना, दूध डेयरी सहित पूर्णतया बाजार बंद करवाने के निर्देश दिये हुए हैं। चार दिन पहले शुरू हुए रेड अलर्ट में 11 बजे बाद बाजार तो बंद हो जाते हैं, लेकिन बेवजह घूमने वाले लोगों की आवाजाही 12 बजे के बाद नजर आ रही है। तीन-चार दिन की कार्यवाही के बाद आज पुलिस भी सख्ती करती नहीं दिखी।

शुक्रवार को सुबह 6 बजे से 11 बजे तक किराना, दूध डेयरी सहित दुकानों पर भीड़ नजर आती है जिससे सुबह का नजारा आमदिनों जैसा नजर आ रहा था। 11 बजे के बाद सायरन बजता है उसके बाद दुकानें धीरे-धीरे बंद हो जाती हैं। 12 बजे बाद भी लोगो की आवाजाही कुछ ज्यादा नजर आई। शहर के अहिंसा सर्किल, किसान छात्रावास सहित विवेकानन्द सर्किल पर लोगो की बेवजह घूम में रहे थे।

पुलिस की सुस्ती

11 बजे के बाद आवश्यक सेवाओं को छोड़ने के बाद पूरा बाजार बंद हो जाता है। उसके बाद भी करीब 2 बजे स्टेशन रोड़, अहिंसा सर्किल, किसान छात्रावास, सुभाष चौक, प्रतापजी की पोल सहित मुख्य मार्गों पर बेवजह घूम रहे लोगों को रोकने वाला कोई नहीं था। अहिंसा सर्किल पर पुलिस के जवान बैठे जरूर रहे लेकिन गाइडलाइन की पालना करवाते हुए कोई नहीं दिखा। गौरतलब है कि जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। एक दिन पहले गुरुवार को एक दिन के सबसे ज्यादा 505 कोरोना पॉजिटिव मरीज आये थे।

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