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किसानों के भविष्य पर कोयले की कालिख पुती:600 बीघा कृषि व गोचर भूमि पर प्रदूषित पानी छोड़ने से बंजर, अधिकारियों ने किया निरीक्षण

बाड़मेर25 दिन पहले
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आरएसएमएमएल सोनड़ी ने 600 बीघा गोचर व कृषि भूमि पर दूषित पानी छोड़ा, इससे पूरी जमीन बंजर हो गई है। यहां पर एक तिनका भी घास का नहीं उगता। यहां खड़े पेड़ भी काले होकर नष्ट हो गए है। पिछले दस सालों से यहां रहवासी कई किसानों ने जमीन बंजर होने की वजह से फसलों की बुवाई करनी भी छोड़ दी। किसानों के भविष्य पर कोयले की कालिख पुत रही है।

सोनड़ी लिग्नाइट परियोजना से निकलने वाले कोयले ने किसानों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। यहां भूमि खनन से निकलने वाले कोयले से युक्त मिट्टी व रसायनिक पानी से हजारों बीघा जमीन बंजर हो गई है। तीन दिन पहले जिला कलेक्टर को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। इसके बाद कलेक्टर के निर्देशानुसार कृषि उपनिदेशक पदमसिंह भाटी के नेतृत्व में सीताराम बैरवा, करणसिंह चारण ने मौके का दौरा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली।

इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि हाथीसिंह, उप सरपंच मूलाराम देवासी, पर्यावरण संरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष गेमरसिंह,जसवंत सिंह, मदनलाल, द्वारकाराम, तेजसिंह, भगसिंह, चिम्मा खां, मगाराम सांसी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। विशाला उपसरपंच मूलाराम देवासी ने बताया कि आरएसएमएमएल की खदानों से निकलने वाले मड युक्त दूषित पानी सही तरीके से रोकथाम नहीं करने की वजह से पूरा पानी किसानों के खेतों में आ रहा है। इससे उन खेतों की जमीन में खारापन व लवण की मात्रा अधिक हो जाती है। इस वजह से खेत में कुछ भी उत्पाद नहीं हो रहा है।

सवाईसिंह ने बताया कि कई वर्षों से समस्या का समाधान करने के लिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन आरएसएमएमएल सोनड़ी खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा आज तक कोई समस्या का समाधान नहीं किया।

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