विश्व स्तनपान सप्ताह:मां के जीवन का सबसे सुखद अहसास स्तनपान: डाॅ. रतनाराम

बाड़मेर2 महीने पहले
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लायंस क्लब व इंडियन ऐकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स शाखा के तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत शनिवार सीएचसी बायतु में कार्यक्रम आयोजि‍त हुआ। शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. रतनाराम चाैधरी ने महिलाओं को स्तनपान के महत्व के बारे में बताया। मां के जीवन का सबसे सुखद अहसास शिशु को स्तनपान कराना होता है।

स्तनपान से माता व शिशु दोनों स्वस्थ रहते है। प्रसव के बाद शीघ्र ही स्तनपान करवाना चाहिए। खीस (गाढ़े दूध)के महत्व काे समझाया गया। शिशु काे छह माह तक माता का दूध ही पिलाया जाए। इसके बाद दूध के साथ कुछ अन्य आहार देने चाहिए। स्तनपान से मां व शिशु के बीच भावनात्मक संपर्क स्थापित होता है, जो शिशु के मानसिक विकास के लिए अवाश्यक है। डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक मां काे कम से कम दाे वर्ष तक शिशु काे स्तनपान करवाना चाहिए।

मेडिकल काॅलेज में पाेस्टर प्रतियोगिता आयाेजित
मेडिकल कालेज में डॉक्टर छात्र-छात्राओं के लिए स्तनपान विषय पर शनिवार पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजित की गई। प्रतियोगिता में इशा गुप्ता प्रथम, कैलाश मित्तल व प्रियंका हुड्डा द्वितीय तथा शिवनारायण तीसरे स्थान पर रहे।

डाॅ. हरीश चाैहान, डाॅ. पंकज अग्रवाल व डाॅ. दीपक तंवर की ओर से विजेताओं काे पुरस्कार दिए गए। शिवनारायण को तृतीय पुरस्कार दिए गए। शनिवार रात मेडिकल कालेज के सभागार में जिले के डाक्टर्स को एसएन मेडिकल काॅलेज जोधपुर के प्रोफेसर डाॅ. राकेश जोरा व डाॅ. रविन्द्र गहलोत स्तनपान के महत्व के बारे में बताया गया।

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