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राहत की खबर:कैपेसिटर बैंक लगाने से शिव, भियाड़ और बायतु क्षेत्र के हजारों किसानों को वॉल्टेज में सुधार से मिल रही है निर्बाध बिजली आपूर्ति

बाड़मेर16 दिन पहले
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शिव-भियाड़ बायतु क्षेत्र में विद्युत वोल्टेज एवं ओवरलोड सिस्टम की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगाए गए कैपेसिटर बैंक से क्षेत्र के हजारों किसानों को उच्च गुणवत्ता से विद्युत आपूर्ति हो रही है। - Dainik Bhaskar
शिव-भियाड़ बायतु क्षेत्र में विद्युत वोल्टेज एवं ओवरलोड सिस्टम की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगाए गए कैपेसिटर बैंक से क्षेत्र के हजारों किसानों को उच्च गुणवत्ता से विद्युत आपूर्ति हो रही है।

जोधपुर डिस्काॅम बाड़मेर द्वारा शिव-भियाड़ बायतु क्षेत्र के किसानों की विद्युत वोल्टेज एवं ओवरलोड सिस्टम की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगाए गए कैपेसिटर बैंक से क्षेत्र के हजारों किसानों को उच्च गुणवत्ता से विद्युत आपूर्ति हो रही है। डिस्कॉम एसई अजय माथुर ने बताया कि बाड़मेर से निकलने वाले शिव 132 केवी लाइन के ओवरलोड होने के कारण 132 केवी जीएसएस शिव, भियाड़, उण्डू, कानोड़ की विद्युत आपूर्ति में बार-बार व्यवधान आता था, इसके समाधान के लिए शिव मुख्यालय पर 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन भी स्वीकृत हो रखा हैं।

लेकिन उक्त सब स्टेशन के निर्माण में हो रही देरी एवं किसानों की समस्याओं के निदान के लिए अधीक्षण अभियंता द्वारा भियाड़, उण्डू, कानोड़ क्षेत्र के 33/11 केवी के 10 सब स्टेशनों के वोल्टेज सुधार के लिए कैपेसिटर बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

इसके लिए पूर्व में जिन 33/11 केवी सब स्टेशनों पर कैपेसिटर बैंक लगाए गए थे एवं वर्तमान में वह उपयोग में नहीं थे या खराब स्थिति में थे, उनका सदुपयोग करते हुए उन्हें दुरुस्त करवाकर निगम स्तर से ही 10 सब स्टेशनों पर यह कैपेसिटर बैंक स्थापित किए गए। इसमें भियाड़, उण्डू, चोचरा व मौखाब व बायतु क्षेत्र के बाटाडू, भीमडा, जेताणियों की ढाणी एवं चौखला 33/11 केवी सब स्टेशन शामिल हैं।

दो सोलर प्लांट भी वॉल्टेज बढ़ाने में मददगार
किसानों को बिना रुकावट उच्च गुणवत्ता प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा किए गए कैपेसिटर बैंक के प्रयासों के साथ ही स्थानीय क्षेत्र में स्थापित दो सोलर प्लांट भी खासे मददगार साबित हुए। 20-20 मेगावाट के दो सोलर प्लांट गूंगा गांव में स्थापित किए गए एवं उनकी विद्युत उत्पादन को 132 केवी जीएसएस पर जोड़ा गया। जहां कृषि कनेक्शन का लोड पहले से बहुत अधिक था। इस प्रकार लोड सेंटर पर ही विद्युत का उत्पादन जोड़ने से किसानों को विद्युत की समस्या से छुटकारा मिला।

बाड़मेर जैसे वृहद जिले में अगर इसी तरह अन्य 132 केवी, 220 केवी एवं 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशनों के पास उपलब्ध जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन जोड़ा जाए तो पूरे जिले के किसानों को अच्छे वोल्टेज की गुणवत्तापूर्ण निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा सकती हैं।

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