पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

5 साल पहले दुकानों का निर्माण, अब सड़क पर कब्जा:सिणधरी चौराहे पर खसरा नं.3056/1551 की जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन का मामला

बाड़मेर22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बाड़मेर. सिणधरी चौराहे पर दुकानों के आगे सड़क पर डाली सामग्री। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर. सिणधरी चौराहे पर दुकानों के आगे सड़क पर डाली सामग्री।

शहर के सिणधरी चौराहे पर स्थित औद्योगिक प्रयोजनार्थ आरक्षित जमीन का कृषि में भू-रूपातंरण के मामले में उद्यमी पर अफसर मेहरबान है।

कृषि जमीन का आवासीय में भू-रूपातंरण के लिए उद्यमी ने यूआईटी में फाइल लगा दी है। इसके बाद आवासीय को कॉमर्शियल में भू परिवर्तन करवाकर मॉल व होटल निर्माण की तैयारी है।

तत्कालीन कलेक्टर ने तबादले से पहले रीको की आपत्ति के बावजूद औद्योगिक जमीन का कृषि में भू-उपयोग परिवर्तन कर दिया। इधर, उद्यमी ने सिणधरी चौराहे पर बनी दुकानों के आगे निर्माण सामग्री डालकर सड़क पर कब्जा कर रखा है। पुलिस व प्रशासन की अनदेखी के चलते स्टेट हाइवे व एनएच 68 की सर्विस रोड पर पत्थर डालने से आए दिन ट्रैफिक बाधित हो रहा है। साथ ही हादसे की आशंका रहती है।

बावजूद इसके जिम्मेदार उद्यमी के खिलाफ कार्रवाई की जहमत नहीं जुटा रहे हैं। गौरतलब है कि पांच साल साल पहले उक्त जमीन पर नियम विरूद्ध दुकानों का निर्माण करवाया गया था। इस आशय की शिकायत के बाद दुकानों का काम रोक दिया। पांच साल बाद जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन कर कॉमर्शियल उपयोग का नया रास्ता निकाल दिया।

औद्योगिक ईकाई के लिए उद्यमी को दी थी जमीन
औद्योगिक एवं खनिज विकास निगम लिमिटेड ने खसरा न. 3056/1551 की 13.18 बीघा जमीन राठी वूलटेक्स इंडस्ट्रीज को वूलन मिल की स्थापना के लिए 9 अगस्त 1979 को आवंटित की थी। निगम से लिए गया ऋण फर्म नहीं चुका पाई तो राजस्थान वित्त निगम ने औद्योगिक जमीन की नीलामी कर दी।

इस पर ओमप्रकाश पुत्र पुरुषोत्तमदास मेहता निवासी बाड़मेर ने 18 मई 2002 को नीलामी से उक्त जमीन की सेल डीड का पंजीयन करवा दिया। पिछले 18 साल में उद्यमी ने उक्त जमीन पर फैक्ट्री लगाई न निर्माण करवाया।

उद्यमी के खिलाफ एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई सिणधरी चौराहे पर खसरा न. 3056/1551 की 13.18 बीघा जमीन का नियम विरुद्ध कृषि में भू-उपयोग परिवर्तन करने के मामले को लेकर एसीबी बाड़मेर में शिकायत दर्ज हुई है। गांधी नगर निवासी हरिसिंह महेचा ने शिकायत दर्ज करवाई कि औद्योगिक प्रयोजनार्थ आरक्षित जमीन पर पहले दुकानों का निर्माण करवाया गया।

शिकायत के बाद काम रोक दिया। उद्यमी ने तत्कालीन कलेक्टर विश्राम मीणा से 1 फरवरी 2021 को जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन करवा दिया। जबकि नियमानुसार औद्योगिक जमीन का कृषि में भू-रूपातंरण का प्रावधान नहीं है।

खबरें और भी हैं...