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प्रशासन शहरों के संग:नगर परिषद ने 2 माह में 985 पट्टों से कमाए 1.92 करोड़ खर्च किए 3 करोड़, कृषि भूमि के 200 खसराें में दी छूट

बाड़मेरएक महीने पहले
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प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्‌टे वितरण करते हुए। - Dainik Bhaskar
प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्‌टे वितरण करते हुए।

प्रशासन शहरों के संग अभियान से बाड़मेर नगर परिषद क्षेत्र के जुड़े लोगों को इसका फायदा कम मिला है। वजह साफ है कि नगर परिषद वीरान है, जब पीड़ित लोग जाते है अधिकारी शिविरों में व्यस्त होते हैं। 70 दिनों में नगर परिषद ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत 25 कैंप आयोजित किए लेकिन इन कैंप से नगर परिषद को राजस्व सिर्फ 1.92 करोड़ रुपए का ही प्राप्त हुआ है। जबकि शिविरों के अलावा भी नगर परिषद की मासिक आय 1 करोड़ से ज्यादा थी।

करीब ढाई माह से चल रहे शिविरों में नगर परिषद 985 ने लोगों को पट्टे दिए है। ये पट्टे सिर्फ पुरानी आबादी वाले 69ए के तहत दिए गए है। नगर परिषद ने अब कृषि भूमि पर बसी ऐसी कॉलोनियों में भी पट्टे देने का प्लान बनाया है, जहां हाईकोर्ट से स्टे नहीं है। ऐसे 200 खसरों के प्लान में मंगलवार से पट्टे देने का काम शुरू होंगे। करीब दो सप्ताह तक इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

भास्कर पड़ताल: शिविरों से मिल रहे राजस्व से ज्यादा नगर परिषद का खर्चा, सिर्फ पुरानी आबादी के पट्टे दिए

1. हर माह नगर परिषद का खर्च 1.50 करोड़
नगर परिषद बाड़मेर को हर माह 1.50 करोड़ का राजस्व मिले तब तक कोई कमाई नहीं है। यानि 1.50 करोड़ राजस्व तक तो सिर्फ नगर परिषद का खर्चा निकलेगा। इसके बाद अगर आमदनी होती है तो शहर के विकास पर खर्च करने में लगाए जाएंगे। दरअसल हर माह कर्मचारियों की सैलेरी, डीजल, गाड़ियों का भाड़ा, लाइट बिल, सफाई उपकरण, संविदा कर्मचारी, ठेके पर ट्रैक्टर-टैक्सी व डंपर का किराया सहित कुल 1.50 करोड़ रुपए हर माह खर्चा है।

2. दो माह में नगर परिषद ने कमाए 1.92 करोड़
नगर परिषद बाड़मेर में 2 अक्टूबर से प्रशासन शहरों के संग शिविरों का आयोजन शुरू हुआ। करीब 70 दिन में 55 वार्डों में 25 कैंप आयोजित हुए। इन कैंपों के दौरान 1517 पट्टों के लिए आवेदन आए। जिसमें 985 पट्टे दिए गए है। इन पट्टों से नगर परिषद बाड़मेर को 1.92 करोड़ रुपए का रेवन्यू मिला है। जबकि नगर परिषद खुद का मासिक खर्च 1.50 करोड़ रुपए से ज्यादा है। ऐसे में जितनी कमाई की है, उससे ज्यादा तो खर्च किए है। प्रति कैंप आयोजन पर भी नगर परिषद को टेंट-पानी, माइक, टेबल-कुर्सी का खर्च 25 हजार रुपए से ज्यादा है। ऐसे में 25 कैंपों के लिए 6.25 लाख रुपए तो टेंट, कुर्सी-टेबल के नाम खर्च हो गए।

आज से शहर के बाहर की कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के 200 खसरों में पट्टे शुरू होंगे
नगर परिषद आयुक्त दलीप कुमार पूनिया ने बताया कि शहर के वार्डों में कैंप आयोजित हो गए है। अब शहर के बाहर कृषि भूमि पर बसी 15 कॉलोनियों के प्लान तैयार है। इन कॉलोनियों में अब दो सप्ताह तक विशेष शिविर आयोजित कर पट्टे दिए जाएंगे। 14 से 31 अक्टूबर तक अगल-अलग जगहों पर कैंपों का आयोजन होगा। इनमें 14 से 17 दिसंबर तक महावीर नगर योजना, राम नगर, मेघवाल हॉस्टल, विष्णु कॉलोनी के लिए कैंप का आयोजन सामुदायिक सभा भवन महावीर नगर में होगा।

इसी तरह 20 से 24 दिसंबर तक दानजी की हौदी स्कूल के पास, इंद्रा कॉलोनी, कलाकार कॉलोनी, कोजाणियों की ढाणी, उम्मेदसिंह की ढाणी, केसर सिंह की ढाणी के लिए कैंप सामुदायिक सभा भवन रामदेव मंदिर इंद्रा कॉलोनी में होगा। इसी तरह 27 से 31 दिसंबर तक मोती नगर, रामदेव नगर, तिलकर नगर, शंकर नगर, बरकततुल्लाह नगर, तिलक नगर के लिए राजपूत समाज छात्रावास के बाहर एनएच-68 पर शिविर आयोजित होगा।

इस दौरान 69ए के पट्‌टे, भू- उपयोग परिवर्तन, स्टेट ग्रांट एक्ट, कच्ची बस्तियों के पट्‌टे, नगर निकायों के सिवायचक भूमियों के पट्‌टे, खांचा भूमि, भवन निर्माण अनुमति, भूखंडों के पुनर्गठन एवं उपविभाजन, नामांतरण, लीज राशि वसूली, नगर विकास कर वसूली व कृषि भूमि पर विकसित योजनाओं के 90ए के प्रकरण, कृषि भूमि नियमन, रूपांतरण व नामांतरण के आवेदन लिए जाएंगे।

अब कृषि भूमि की कॉलोनियों में पट्टे देंगे: आयुक्त
नगर परिषद की पुरानी आबादी में बसी कॉलोनियों में पट्टे देने के लिए कैंपों का काम पुरा हो गया। अब शहर के बाहर की कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के खसरों में दो सप्ताह तक पट्टे देने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे है। जिन खसरों की सूची जारी की गई है, उन प्लान अनुमोदित हो चुके है। इसके अलावा के खसरों के प्लान अनुमोदन का काम चल रहा है। हाईकोर्ट से गाइडलाइन स्पष्ट होने के बाद ही दूसरे खसरों में भी पट्टों का काम शुरू होगा। -दलीप पूनिया, आयुक्त, नगर परिषद बाड़मेर।

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