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उम्र पर भारी है जज्बा:बेटी विमंदित, दामाद कैंसर पीड़ित, घर का खर्चा व इलाज 70 वर्षीय महिला के जिम्मे

बाड़मेरएक महीने पहले
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बाड़मेर. कलेक्टर से मिलने पहुंचे बीमार जोधाराम व उसकी सास। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर. कलेक्टर से मिलने पहुंचे बीमार जोधाराम व उसकी सास।
  • रोजाना 30 किलोमीटर का सफर कर शहर में दूध बेचने आती है बुजुर्ग महिला
  • ताकि बेटी-दामाद का पालन पोषण व इलाज करा सके

70 वर्षीय बुजुर्ग महिला नोजी देवी रोजाना पंद्रह किलोमीटर का सफर कर जिला मुख्यालय पर दूध बेचने आती है, घर-घर घूमकर दूध बेचने के बाद दोपहर बाद वापस घर पहुंचती है। घर पहुंचने के बाद उसे मानसिक विमंदित बेटी मांगी व कैंसर पीड़ित दामाद जोधाराम की सुध लेनी होती है। उनकी देखभाल का जिम्मा भी इस बुजुर्ग महिला के जिम्मे है।

घर में कुल तीन सदस्य है। बेटी, दामाद और सास। इनके रोजी रोटी और कमाई का जरिया सिर्फ दूध बेचना ही है। बेटी-दामाद के इलाज को लेकर पहले ही नोजी देवी ने अपनी बचत की कमाई खर्च कर दी। अब न तो इलाज के लिए इनके पास रुपए है और न ही रोजी रोटी के लिए स्थाई रोजगार। कुछ मवेशी पाल रखे है, उनके दूध को ही आजीविका का जरिया बनाया हुआ है। इससे ही घर चलता है और बेटी-दामाद का इलाज।

शहर से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर कुड़ला ग्राम पंचायत के मगने की ढाणी में रानी काठा निवासी बुजुर्ग महिला नोजी देवी की 70 वर्ष की उम्र में यह दिनचर्या बनी हुई है। महिला के एक बेटी है, जिसकी शादी जोधाराम से की। जोधाराम के माता-पिता की मौत उसके बचपन में ही हो गई थी। शादी होने के बाद कुछ समय तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन फिर मांगी की दिमागी हालत खराब होना शुरू हो गई।

नोजी देवी ने मांगी का कई अस्पतालों में इलाज करवाया लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जोधाराम का एक्सीडेंट हो गया। इलाज के दौरान पता चला कि उसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी है। अब बेटी और दामाद दोनों का इलाज व पालन पोषण अकेली 70 वर्षीय नोजी देवी के जिम्मे आ गया। जोधाराम पहले मजदूरी करता था लेकिन एक्सीडेंट के बाद वह भी छूट गई। अब इस तीन सदस्यीय परिवार की स्थिति यह है कि कमाई का न तो कोई स्थायी साधन है और न ही योजनाओं से लाभ मिल रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनी ने राशन किट बांटने के दौरान परिवार की पीड़ा जानी, कलेक्टर से मिलने साथ आईं

महिला संगठन अध्यक्ष अनीता सोनी ने राशन सामग्री किट बांटने के दौरान नोजी देवी के घर की पूरी स्थिति जानी। इसके बाद उन्होंने मां-बेटी और दामाद से मिलकर उनको मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने पूरे परिवार के साथ जिला कलेक्टर लोकबंधु से मुलाकात की। कलेक्टर ने नियमानुसार पूरी मदद करने का भरोसा दिलाया।

इस दौरान जिला कलेक्टर ने सबसे पहले परिवार का चिरंजीवी बीमा योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा और संपूर्ण व्यय स्वयं के स्तर पर भुगतान की बात कही। खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने, मांगी देवी की दिव्यांग पेंशन योजना शुरू करवाने का भरोसा दिलाया। अनिता सोनी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है। बुजुर्ग एकल महिला के जिम्मे बेटी-दामाद के पालन पोषण और इलाज का जिम्मा है। ऐसे में कोई भामाशाह इनकी मदद को आगे आए तो इनकी स्थिति में सुधार आ सकता है।

जरूरतमंद परिवार की सरकारी स्तर पर जो भी मदद होगी, की जाएगी। इसको लेकर विमंदित मांगी देवी की जल्द दिव्यांग पेंशन शुरू करवाई जाएगी। पीएम आवास योजना में सर्वे लिस्ट में नाम है तो उसका फायदा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मनरेगा के टांका निर्माण आदि का कार्य करवाएंगे। खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं से भी बात करके परिवार की मदद करवाई जाएगी।
-ओपी विश्नोई, एडीएम, बाड़मेर

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