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राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी 9 सितंबर को आएंगे जालोर:भारत-पाक बॉर्डर पर बनी इमरजेंसी हवाई पट्‌टी का करेंगे लोकार्पण, 8100 वर्गफीट में तैयार हो रहा है डोम, रनवे पर होगा फाइटर प्लेन का ट्रायल

बाड़मेर18 दिन पहले
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सेसावा में तैयार होता डोम। - Dainik Bhaskar
सेसावा में तैयार होता डोम।

देश की सरहद को मजबूत करने के मकसद से बॉर्डर इलाके में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत हाइवे बनाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से सटे जालोर जिले के चितलवाना में NH-925A पर भारतमाला परियोजना के तहत रनवे बनाया गया है। जालोर जिले के अगड़ावा से सेसावा के बीच आपातकालीन हवाई पट्टी बनकर तैयार हो गई है। इस पट्टी का आपात स्थिति के समय वायुसेना और सेना के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

दरअसल, करीब 33 करोड़ की लागत से बनी इस हाइवे हवाई पट्टी का लोकार्पण देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 9 सितंबर को सुबह 11 बजे करेंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है। हवाई पट्टी के पास डोम तैयार हो रहा है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम होगा। इस दौरान हाइवे पर कई फाइटर प्लेन का ट्रायल भी होगा और बॉर्डर इलाका लड़ाकू विमानों की आवाज से गूंज उठेगा। NHAI की ओर से भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने हाइवे पर 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बाड़मेर-जालोर बॉर्डर पर बनाई गई है।

एनएचएआई की ओर से भारत माला प्रोजेक्ट के तहत आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल करने के लिए भारत-पाक बॉर्डर की यह पहली हवाई पट्टी है, जिसका लोकार्पण करने के लिए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का पहली बार सीधे हाइवे की आपातकालीन हवाई पट्टी पर ही उतरने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सिर्फ लोकार्पण ही नहीं है बल्कि देश की पहली आपातकालीन हवाई पट्टी पर वायुसेना के बेड़े में शामिल करीब आधा दर्जन फाइटर प्लेन का भी करीब तीन घंटे तक अभ्यास होगा।

डोम हो रहा है तैयार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे को लेकर वायुसेना समेत कई विभाग तैयारियों में जुट गए हैं। आसपास के इलाके की सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ ही वहां वायुसेना व सेना पूरी तरह से निगरानी रखे हुए है। जिला प्रशासन और पुलिस भी इसके लिए तैयारियां कर रही है। इसके अलावा NHAI की ओर से भी हवाई पट्टी का सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए NHAI व वायुसेना के अधिकारी लगातार इस इलाके के दौरे पर है। 90 गुणा 90 फीट की साइज में डोम तैयार किया गया है।

33 मीटर चौड़ी, 3 किमी. लंबी है हवाई पट्टी
बाड़मेर के गांधव (बाखासर) में भारत माला हाइवे NH-925A पर बनी आपातकालीन हवाई पट्टी 3000 मीटर (3 किमी.) लंबी और 33 मीटर चौड़ी है। इस हवाई पट्टी को बनाने में 32.95 करोड़ रुपए लागत आई है। भारत-पाक तारबंदी बॉर्डर से महज 40 किमी. दूरी पर यह हवाई पट्टी बनाई गई है।

फाइटर प्लेन उतरने से लेकर पार्किंग तक की सुविधा
हवाई पट्टी के दोनों सिरों पर 40 गुणा 180 मीटर की दो पार्किंग भी बनाई गई है, ताकि फाइटर प्लेन को पार्किंग में रखा जा सके। इसके अलावा 25 गुणा 65 मीटर आकार की एटीसी प्लिंथ का डबल मंजिला एटीसी केबिन के साथ निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह से वॉशरूम सुविधायुक्त है। हवाई पट्टी के सहारे से 3.5 किमी. लंबी 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है।

यह है भारतमाला परियोजना
बॉर्डर इलाके में गांधव से साता, बाखासर, गागरिया तक NH-925 और 925A का निर्माण करवाया गया है। ये हाइवे 2019 में ही पूरा हो गया था। भारत माला प्रोजेक्ट के इन दोनों हाइवे पर करीब 962 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। भारतीय वायुसेना के लिए फाइटर प्लेन की आपातकालीन लैंडिंग के लिए NHAI की ओर से गांधव के पास 3 किमी. लंबी हवाई पट्टी का निर्माण करवाया गया है। भारत-पाक बॉर्डर पर सामरिक व आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से देश की यह महत्वपूर्ण परियोजना है। इसका निर्माण भारतीय सेना को मजबूत करने व सैन्य सुविधाओं का सुगमता से उपलब्ध करवाने के लिए करवाया गया है।

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