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कृषि:बाड़मेर जिले में बाजरे का सबसे ज्यादा उत्पादन होने के बावजूद यहां अनुसंधान संस्थान नहीं बना

मायलावासएक महीने पहले
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  • राजस्थान में सबसे ज्यादा बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर में बाजरे का उत्पादन, फिर भी क्षेत्र की उपेक्षा

बाड़मेर जिले में बाजरे का अनुसंधान शोध केंद्र खोलने की मांग लगातार बढ़ रही है। सिवाना उपखंड क्षेत्र के किसानों द्वारा कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को एक पत्र लिखकर के बाड़मेर जिला मुख्यालय पर बाजरे का अनुसंधान केंद्र खोलने की मांग की। पत्र के माध्यम से किसानों ने बताया कि राजस्थान में बाजरा उत्पादन कि दृष्टि से प्रथम स्थान रखता है।

राजस्थान में सबसे ज्यादा बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर में बाजरे का उत्पादन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाड़मेर में अनुसंधान संस्थान होना जरूरी है। बाजरे अनुसंधान संस्थान के लिए पूर्व में भी भारत सरकार के अंतर्गत आने वाली भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की विभिन्न समितियों ने अनुशंसा कर रखी है। भारत में लगभग सभी फसलों का अनुसंधान केंद्र खोल रखे हैं लेकिन बाजरे के ऊपर बहुयामी प्रयोगिक संस्थान नहीं होने के कारण बाजरा उत्पादन किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

किसानों ने बताया कि यही बाड़मेर में बाजरा फसल के लिए विशेष अनुसंधान संस्थान खोला जाता है तो निश्चित रूप से बाजरे की जैव विविधता, उच्च गुणवत्ता युक्त वाजिब दाम के साथ प्रमाणित बीज, बाजरा मूल्य संवर्धन आधारित बाजरा, बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था, बीजों के व्यापार संबंधित उद्योग एवं अन्य कृषि आधारित कुटीर उद्योग का विकास हो सकता है तथा किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है।

केंद्र खुलने के बाद कृषि आधारित कुटीर उद्योग का विकास और आय में वृद्धि हाेने की संभावना

बाड़मेर जिले में बाजरा की फसल मौसम की विपरीत स्थितियों में बनी रहती है। यह सूखे, मिट्टी की कम उर्वरता और अधिकतम तापमान के अनुसार खुद को अनुकूल बना लेती है। यह कम बारिशों वाले स्थान पर उगती है जहां पर 50-70 सेमी तक बारिश होती है। यह सूखे के अनुकूल फसल है। खारी मिट्टी में बाजरा की खेती हो जाती है क्योंकि विपरीत परिस्थितियों के प्रति यह सहनशील है, बाजरा ऐसे स्थानों पर भी पैदा हो सकता है, जहां पर अनाज की अन्य फसलें जैसे मक्का या गेहूं नहीं उग पाती हैं।

बाड़मेर में बाजरे का सबसे ज्यादा उत्पादन
राज्य में कृषि में सर्वाधिक क्षेत्रफल बाजरे का है। राज्य में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन बाड़मेर में होता है। राज्य का बाजरे के उत्पादन और क्षेत्रफल दोनों दृष्टि से देश में प्रथम स्थान है। राज्य में रबी की फसलों में सर्वाधिक क्षेत्र गेहूं का और खरीफ फसलों में बाजरे का है। राज्य में बंजर और व्यर्थ भूमि का सर्वाधिक क्षेत्रफल बाड़मेर जिले में मिलता है।

राजस्थान में भारत के कुल कृषि क्षेत्रफल का लगभग 11 प्रतिशत है लेकिन सतही जल की उपलब्धता देश की मात्र 1 प्रतिशत है। राज्य में सर्वाधिक सिंचाई कुआं और नलकूपों से होती है। राज्य में कृषि जोतों का औसत आकार 4.24 हेक्टेयर (देश में सर्वाधिक) है जो देश के औसत कृषि जोत आकार (1.32 हेक्टेयर) से अधिक है राज्य में सर्वाधिक कृषि क्षेत्र लगभग 1/4 भाग में बाजरा बोया जाता है।

  • राजस्थान में बाजरे का सबसे ज्यादा उत्पादन बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर में होता है। इसलिए बाजरे का अनुसंधान संस्थान नहीं होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुसंधान संस्थान खुलने से किसानों को प्रमाणित बीज, समर्थन मूल्य सहित अन्य कुटीर उद्योग का लाभ मिल सकता है। इसलिए किसानों की मांग को देखते हुए सरकार बाड़मेर में बाजरे का अनुसंधान संस्थान खोले। - विरदाराम बेनीवाल, किसान फूलण

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