धर्म समाज:पितृपक्ष में नमक, वस्त्र, काले तिल व जूते-चप्पल करें दान

बाड़मेर2 महीने पहले
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  • पितृपक्ष के लिए शास्त्रों में बताया है पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए दान-पुण्य का महत्व

वर्तमान में पितृपक्ष का दौर चल रहा है जो 6 अक्टूबर सर्व पितृ अमावस्या तक चलेगा। पितृपक्ष में हम ब्राह्मण भोजन पंचबली, तर्पण आदि कई कर्म करते हैं। इसके साथ में पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए दान पुण्य का महत्व भी शास्त्रों में बताया गया है। पंडितों के मुताबिक कोई यह जरूरी नहीं कि दान-पुण्य महंगी वस्तुओं की चीजों का ही किया जाए।

अपनी हैसियत के अनुसार अपने घर में जो कई चीजें मिल जाती है उनके अनुसार हम अपने पूर्वजों के निमित्त कर सकते हैं। इससे घर में सुख समृद्धि आती है और हमारे पूर्वज प्रसन्न होते हैं। ज्योतिषशास्त्री का कहना है कि पितृपक्ष के दौरान आर्थिक समस्या से छुटकारा पाने के भी कई उपाय किए जा सकते हैं। इसके लिए हमें पितृपक्ष में कुछ खास चीजों का दान करना होता है, जिनके संबंध में माना जाता है कि इनके दान से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है।

पितृ दोषों से मुक्ति सहित आर्थिक संपन्नता के लिए जो चीजें दान करनी चाहिए

पंडितों के मुताबिक पितृ पक्ष में पितृ दोषों से मुक्ति सहित आर्थिक संपन्नता के लिए जो चीजें दान करनी चाहिए उनका वर्णन कई धार्मिक पुस्तकों और शास्त्रों में भी मिला है। इनमें से अधिकांश चीजें तकरीबन हर घर में आसानी से मिल जाती हैं।

  • छाते: छाते का पितृपक्ष में दान पूर्वज को प्रसन्न करने वाला माना गया है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि जिसे जीवन में सुख-शांति की आशा हो, पितृपक्ष में उसे छाते का पितरों के नाम से अवश्य दान करना चाहिए।
  • काले तिल: पितृ पक्ष के दौरान काले तिल का दान काफी महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिषशास्त्री पं. पुरुषोत्तम गौड ने बताया कि काले तिल का दान करने से कोई परेशानी आने से पहले ही उसे आपके पितृ रोक लेते हैं।
  • नमक: गरुड़ पुराण के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान नमक का दान करना खास माना गया है। श्राद्ध दौरान नमक का दान जहां यम का डर दूर करता है। शास्त्रों के अनुसार इस समय गुड़-नमक का दान करना आर्थिक संपन्नता लाता है।
  • जूते-चप्पल: पंडितों के अनुसार पितरों के निमित्त किसी जरूरतमंद को पितृ पक्ष में जूते चप्पल जरूरी दान करना काफी महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि यदि आप आर्थिक संकटों में फंसे हुए हैं तो पितरों की शांति के लिए जूते-चप्पल का दान अवश्य करें। ऐसा करने से आपकी परेशानी हल हो जाएगी।
  • चांदी-चावल: चांदी का दान पितृपक्ष में बहुत ही शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्य पं. विजय मिश्रा का कहना है कि चूंकि हर कोई चांदी दान देने में सक्षम नहीं हैं तो इस स्थिति में आप दूध और चावल भी दान कर सकते हैं। ये दोनों चीजें चंद्र की कारक मानी गई हैं। वहीं पुराणों में भी पितरों का निवास स्थान चंद्रमा के ऊपरी भाग में ही बताया गया है।
  • वस्त्र: गरूड़ पुराण सहित शास्त्रों में भी यह कहा गया है कि पूर्वजों के निमित्त वस्त्रों का दान करने से हमेशा ही पितरों की कृपा बनी रहती है। इसमें खासकर दुपट्टे व धोती का दान सबसे खास माना जाता है।
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