काशी रेलवे स्टेशन से राघवदास महाराज लापता:ट्रेन बदलने के दौरान दूसरी ट्रेन में बैठे, भक्तों को अंदेशा: पश्चिम बंगाल की ट्रेन में बैठ गए

बाड़मेर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
संत राघवदास महाराज। - Dainik Bhaskar
संत राघवदास महाराज।

बाड़मेर जिले के माली समाज के संत एवं महामंडलेश्वर राघवदास महाराज काशी-यूपी रेलवे स्टेशन से लापता हो गए है। महाराज काशी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन अदला-बदली के चलते किसी दूसरी ट्रेन में बैठ गए। इस दौरान उनके साथ तीन भक्त थे। समाज के लोगों ने यूपी पुलिस को सूचना दी। वहीं केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को भी इस मामले की जानकारी दी।

बालोतरा निवासी अमराराम सुंदेशा ने बताया कि तीन दिन पहले संत राघवदास महाराज बालोतरा से अपने भक्तों के साथ में काशी अपने गुरु के आश्रम गए हुए थे। वहां काशी रेलवे स्टेशन पर अयोध्या जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। महाराज की तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी। प्लेटफार्म पर ही घूम रहे थे। भक्त चाय नाश्ता कर रहे थे। ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि अयोध्या ट्रेन आने से पहले एक ट्रेन पश्चिमी बंगाल जाने के लिए आई। महाराज घूमते-घूमते पश्चिमी बंगाल की ट्रेन में बैठ गए। कुछ देर बाद जब भक्तों का महाराज नजर नहीं आए। उनकी तलाश भी की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। तब उन्होंने यूपी रेलवे पुलिस को सूचना दी। वहीं लोगों ने केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी से संपर्क किया। केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने यूपी के अधिकारियों से बात की है।

अमराराम सुंदेशा ने बताया कि संत राघवदास का जन्म मालियों की ढाणी नवाई पचपदरा में हुआ था। 18 साल की उम्र संत बन गए और जूनी चोचपति मंदिर में सेवा करना शुरू किया गया। हरिदास महाराज के शिष्य है। 6 वर्ष पूर्व इन्हे महामंडलेश्वर की उपाधि मिली थी। चोचपति मंदिर बालोतरा के गादीपति है। महाराज राघवदास अच्छे कथावाचक है। बालोतरा शहर के समदड़ी रोड स्थित पर संत श्री राघवदास महाराज का आश्रम है।