निधन के ढाई माह बाद मिला प्रमोशन:शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को प्रमोशन कर लगाया सीबीईओ गिड़ा, जबकि ढाई माह पहले हो चुकी है उनकी मृत्यु, जिम्मेदार बोले यह सरकार के लेवल का मामला

बाड़मेर2 महीने पहले
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मृतक प्रधानाचार्य राजेश महरवाल। - Dainik Bhaskar
मृतक प्रधानाचार्य राजेश महरवाल।

शिक्षा विभाग में अनियमितता की खबरें बहुत देखी होंगी, लेकिन आज हम शिक्षा विभाग की ऐसी लापरवाही से रूबरू करवा रहे हैं कि शिक्षा विभाग ने ढाई माह पहले मृत्यु होने वाली राजेश महरवाल को प्रमोशन देते हुए सीबीईओ गिड़ा के पद पर लगा दिया।

दरअसल, शिक्षा ग्रुप-2 विभाग ने 5 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी एवं इसके समकक्ष पद पर पदोन्नति की सूची जारी की थी। इस सूची में राज्य के 253 प्रधानाचार्य को पदोन्नत किया गया था। इसमें बाड़मेर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल रावतसर की प्रिंसिपल राजेश महरवाल का भी नाम है। सूची के अनुसार इनकी पदोन्न्ति कर सीबीईओ गिड़ा लगाया है। हालांकि, राजेश महरवाल की करीब ढाई माह पहले मृत्यु हो चुकी है।

विभाग ने नहीं किया रिकार्ड दुरस्त

इस सूची में बाड़मेर जिले की प्रधानाचार्य राजेश महरवाल को सीबीईओ गिड़ा पद पर लगाया है जबकि इनकी मौत करीब ढाई माह पहले ही हो चुकी है। राजेश महरवाल को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल रावतसर के प्रिंसिपल पद से सीबीईओ गिड़ा लगाया है जबकि महरवाल की 28 मई को मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने ढाई माह बीतने के बाद भी अपना रिकार्ड दुरस्त नहीं किया है।

डाटा ऑनलाइन होने के बाद गलती

शिक्षा ग्रुप-2 विभाग से जारी आदेश में उसका नाम पदोन्नति के साथ आ रहा है जबकि अब पूरा विभाग ऑनलाइन हो चुका है। इसके बावजूद भी गलतियां हो रही हैं। नियमानुसार डीपीसी से पहले संबंधित अधिकारियों व कार्मिकों की पूरा बायोडेटा व अपडेट संबधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लिया जाता है। इसके बाद उनकी पदस्थापना व पदोन्नति की जाती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यावाहक मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बनवारी लाल का कहना है कि हमने बाड़मेर शिक्षा विभाग से सूचना भेज दी थी, लेकिन गलती कहां से हुई हमें नहीं पता है और यह निदेशालय और सरकार लेवल का मामला है।

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