पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

एनजीटी का आदेश:जसदेर, वैणासर और सोन तालाब से छह माह में अतिक्रमण कर सफाई करें प्रशासन

बाड़मेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • इंटेक बाड़मेर चैप्टर की तरफ से पेश की गई याचिका में एनजीटी ने कलेक्टर और नगर परिषद को दिया आदेश

बाड़मेर शहर के अस्तित्व खो रहे तालाबों के संरक्षण और उनकी साफ-सफाई और अतिक्रमण को लेकर इंटर चैप्टर बाड़मेर की ओर से पेश की गई याचिका पर एनजीटी ने छह माह में इन तालाबों की साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं।

बाड़मेर शहर के सबसे बड़े जसदेर तालाब में साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। वहीं अतिक्रमण की जद में आ रहे तालाब अस्तित्व खो रहे है। ऐसे ही हालात सोन तालाब और वैणासर नाडी की है। याचिका में तीनों तालाबों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हरित न्यायालय एनजीटी ने बाड़मेर कलेक्टर और नगर परिषद बाड़मेर को आदेश दिया है कि इन तालाबों का संरक्षण करते हुए छह माह में अतिक्रमण मुक्त किया जाए और साफ-सफाई कर स्वच्छ बनाया जाए।

राष्ट्रीय हरित न्यायालय (एनजीटी) द्वारा इंटेक, बाड़मेर चैप्टर की तरफ से दर्ज याचिका की सुनवाई में बाड़मेर शहर के मुख्य जलाशयों जसदेर नाड़ी, वैणासर नाडी और सोन तालाब में स्वच्छता बनाये रखने और इनके आगोर व जलभराव क्षेत्र से 6 माह के अंदर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं।

इंटेक बाड़मेर चैप्टर बनाम राजस्थान सरकार के इस मुद्दे में बाड़मेर शहर के प्राचीन तालाबों के अस्तित्व पर मंडराते खतरों पर चर्चा हुई है। इसमें इनके अंदर गंदगी की समस्या, इनके आगोर व आसपास अतिक्रमण की समस्या और इन पर नगर परिषद बाड़मेर द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने जैसे विषय उठाए गए थे।

इन सभी विषयों पर माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व में जलाशयों, नदियों व तालाबों की सुरक्षा व जल प्रदूषण के विभिन्न मुद्दों पर सुनाए गए फैसलों को आधार बनाते हुए इन तालाबों को 6 महीनों की समय सीमा में स्वच्छ व अतिक्रमण मुक्त करने का फैसला दिया गया है। वहीं तय समय सीमा में यह कार्य संपादित नहीं होने पर एनजीटी द्वारा आगे की कार्रवाई की जानी है।

तालाबों में मिट्‌टी, कचरे के ढेर और अतिक्रमण हो रहे

बाड़मेर शहर के तीन सबसे बड़े तालाब है, इनमें जसदेर तालाब आस्था और संस्कृति का मुख्य केंद्र है। यहां शिव शक्ति धाम पर सालाना हजारों लोग दर्शन के लिए आते है। यह शहर का पर्यटन स्थल भी है। यहां जसदेर तालाब गंदगी से अटा हुआ है। गणेश महोत्सव के बाद मूर्ति विसर्जन भी इसी तालाब में होता है।

ऐसे में गंदगी के जगह-जगह ढेर लगे हुए है। तालाब की सालों बाद भी सफाई नहीं हुई है। ये ही हाल वैणासर और सोन तालाब के है, लेकिन वहां पानी नहीं है। ऐसे में लोग दिनों दिन अतिक्रमण कर रहे है। शहर की गंदगी भी इन तालाबों में डाली जा रही है।

एनजीटी ने 54 पेज में दिया फैसला

  • तालाबों में हो रहे अतिक्रमण और गंदगी को लेकर एनजीटी में 38/2018 केस दायर किया था। इस पर एनजीटी ने सुनवाई करते हुए 54 पेज का फैसला सुनाया है। तालाबों की साफ-सफाई के साथ ही अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए है। नगर परिषद क्षेत्र और यूआईटी क्षेत्र में आने वाले तालाबों में मूर्ति विसर्जन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इन तालाबों का संरक्षण करने की भी जिम्मेदारी है। छह माह में इन तालाबों की कायाकल्प करने के एनजीटी ने निर्देश दिए है। - यशोवर्धन शर्मा, संयोजक, इंटक बाड़मेर चैप्टर।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- यह समय विवेक और चतुराई से काम लेने का है। आपके पिछले कुछ समय से रुके हुए व अटके हुए काम पूरे होंगे। संतान के करियर और शिक्षा से संबंधित किसी समस्या का भी समाधान निकलेगा। अगर कोई वाहन खरीदने क...

और पढ़ें