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अग्नि के आखम में सिद्धों ने किया हैरतअंगेज अग्नि नृत्य:जसनाथ धाम लीलसर में मेला आज, रात्रि जागरण समेत कई धार्मिक आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे

लीलसर10 दिन पहले
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लीलसर के जसनाथ धाम में रविवार को जागरण का आयोजन हुआ। महंत मोटनाथ महाराज ने जसनाथ महाराज की आरती के साथ जागरण की शुरुआत की। जागरण में बाड़मेर जैसलमेर सहित अन्य जिलों से जसनाथी अनुयायी हजारों की संख्या में मंदिर परिसर पहुंचे। जागरण के दौरान पूरा पंडाल भक्ताें से भर गया। जसनाथी सिद्धों ने ओमकार राग में नगाड़ाें की थाप पर जसनाथी शब्दों का गायन किया।

सिर पर गेरुआ रंग का भारी भरकम साफा व बदन पर श्वेत परिधान धारण कर जसनाथी गायबियों (कीर्तनकारों व वादकों) का दल विशाल नगाड़ों की थाप पर मंगलाचरण व स्तवन की परंपरा का निर्वहन करते हुए नृत्य किया। गायबियों का ‘सबद गान’ वैदिक औंकार उद्गीत वातावरण को मनोरम बनाता दिखा। जसनाथ धाम में सोमवार सुबह मेला भरेगा। मेले मे छेड़ा बंद जात व छोटे बच्चों का झाड़ोला संस्कार होगा।

घूणा स्थल पर बड़े-बड़े लक्कड़े करीने से जमाए गए। मंत्रोच्चारण के साथ हवन कर अग्नि प्रज्वलित की जाती है। हवन के साथ धूणे से ज्वाला उठने के साथ ही दर्शक धूणे के चारों ओर अपना स्थान बना लेते हैं। सामने दूसरे सिरे पर गायबी और कीर्तनकार जसनाथजी की प्रतिमा व उनके ध्वज के समीप ऊंचे तख्तों पर चंद्राकार बैठ जाते हैं।

लकड़ी के ‘धूणें’ और नर्तन सीमा में किसी अन्य को आने की अनुमति नहीं रहती है। पूरी रात तक चलने वाले इस आयोजन में रात्रि के प्रथम प्रहर से अंतिम प्रहर तक सिरलोकों जसनाथजी की वाणी की ऐसी रमझल लगती हैं कि हजारों की संख्या में एकत्रित ग्रामीण लोग पूरी रात अलग-अलग रागों में गाई जाने वाली वाणी से झूमते हैं।

नर्तक अग्नि के दहकते अंगारों से गुजरते हैं, अठखेलियां करने लगते हैं। दहकते अंगारों पर ऐसे चलते हैं जैसे फूलों की सेज पर चल रहे हों। खिलौनों की तरह अंगारों को हाथों में ले लेते हैं। सबकी मौजूदगी में और सबके सामने अनहोनी को होनी बताते हैं। मुंह में लौ और अंगारा भर कर उसकी फुंकार छोड़ते हैं।

इस अवसर पर जसनाथजी द्वारा रचित सिंम्भूधड़ो, कोड़ो, गौरखछंदाे, स्तवन रचनाओं का सस्वर गायबा गायन किया जाता है। नृत्य प्रस्तुती के समय नर्तकों को सिर पर पगड़ी, धोती-कुर्ता और पांव में कड़ा पहनना होता है. जसनाथी सम्प्रदाय के इस खास नृत्य को लेकर बाहर से आने वाले जातरुओं में भी खासी रुचि देखी जाती रही है।

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