लापरवाही:गांव-गांव में फर्जी डॉक्टरों की दुकानें, मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़, विभाग मौन

आडेल12 दिन पहले
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आडेल पंचायत समिति के कस्बे सहित क्षेत्र के गांवों में कोरोना संकट के बाद लगातार फर्जी डॉक्टरों ने दुकानें लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद लोगों में भय व्याप्त था। इस कारण लोग खांसी बुखार होने पर उपचार के लिए आसपास मेडिकल स्टोर व क्लिनिक पहुंच रहे है। फर्जी डॉक्टरों द्वारा संचालित मेडिकल स्टोर व क्लिनिक पर लोगों से मनमाफिक फीस वसूली के साथ साथ हैवी डोज की दवाइयां दी जा रही है।

बिना जांच के ही आते ही मरीज को सबसे पहले ड्रीप चढ़ा दी जाती है। इनमें से अधिकांश डॉक्टरों के पास फर्जी डिग्रियां है तो कइयों के पास डिग्री ही नहीं है। पंचायत समिति क्षेत्र के छोटू, अर्जुन की ढाणी, नोखड़ा, खारड़ी बेरी, मंगले की बेरी सहित आसपास के गांवों में जगह-जगह इन फर्जी डॉक्टरों ने दुकानें लगा रखी है। चिकित्सा विभाग की कार्रवाई नहीं होने की वजह से इनके हौसले बुलंद है और लगातार अवैध प्रैक्टिस जारी है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ साथ उन्हें आर्थिक रूप से भी ठगा जा रहा है। अधिकांश गांवों में चिकित्सा विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। संसाधनों के अभाव में गांव में ही लोग फर्जी डॉक्टरों से इलाज करवाते है।

गांवों में कोरोना के लक्षण आने पर लोग इसे सामान्य सर्दी, जुकाम, हाथ पैरों में दर्द मानते हुए फर्जी डॉक्टरों से परामर्श लेते है। चूंकि ये लम्बे समय से संबंधित गांव में प्रैक्टिस करते आ रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण उन पर विश्वास करते हैं। इन झोलाछाप चिकित्सकों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन को भी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कई बार खानापूर्ति कर ली जाती है।

अवैध क्लिनिक संचालक खुले में फेंक रहे हैं बायोवेस्ट

एक और तो देश प्रदेश में कोरोना महामारी के संक्रमण का दंश झेल रहा है। दूसरी ओर कस्बे गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में खोले गए फर्जी क्लिनिकों से बायोवेस्ट खुले में फेंका जा रहा है। इससे गांवों में संक्रमण अधिक फैलने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही पशुओं द्वारा संक्रमित बायोवेस्ट में मुंह मारने की वजह से उनमें भी संक्रमण फैल रहा है। कई गांवों में फर्जी डॉक्टर लोगों को घर जाकर इलाज करने की भी सुविधा करते है। एक थैले में कुछ दवाइयां, इंजेक्शन सहित दवाइयां लेकर दुपहिया वाहनों से एक फोन पर हाजिर हो जाते है और मरीजों का इलाज कर भारी भरकम बिल थोप देते है। दवाई असर कर देती है तो ठीक नहीं तो दुबारा बुलाने पर देखने के बाद बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दे देते है।

फर्जी डॉक्टरों को लेकर कई बार कार्रवाई कर‌ पाबंद किया गया। जल्द ही अवैध मेडिकल स्टोरों व क्लिनिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-उम्मेदाराम, ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारी, सिणधरी।

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