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अव्यवस्थाएं:कर्नाटक बैठे परिवार के फोन पर सैंपल लेने का फर्जी मैसेज, 6 दिन पहले दिए सैंपल की रिपोर्ट नहीं

धनाऊएक महीने पहले
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कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग में अव्यवस्थाएं हावी हैं। हाल यह है कि कोरोना सैंपल देने के बाद रिपोर्ट के लिए लोग चक्कर काटने को मजबूर हैं।

धनाऊ तहसील की ईटादा गांव के प्रहलादराम सुथार ने बताया कि उनका व्यवसाय मेंगलोर(कर्नाटक) में है उन्होंने परिवार सहित चौहटन सीएचसी में आरटीपीसीआर जांच के लिए बारह जून को सैंपल दिया था। सेम्पल देने गए तब भी कार्मिकों ने लापरवाही बरती। परिवार को जांच रिपोर्ट लेकर वापिस मेंगलोर जाना था। लेकिन 18 जून तक इनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के साथ बाड़मेर स्थित सीएमएचओ कार्यालय भी पता किया, तो उन्होंने बताया कि यहां इस नाम से कोई सेम्पल नहीं प्राप्त हुआ है। मजबूरी में बिना रिपोर्ट के प्रहलादराम सुथार को परिवार सहित मेंगलोर रवाना होना पड़ा और कर्नाटक बॉर्डर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

इसी समस्या से कई अन्य युवक भी परेशान हो रहे हैं। प्रहलाद राम सुथार से बात कि उनके एक चाचा के लड़के देवाराम की 20 मई को मृत्यु हुई थी तब उन्हाेंने सैम्पल के लिए आग्रह किया पर जवाब नहीं मिला। कलेक्टर काे शिकायत करने के बाद परिवार के 50 सदस्यों के सैंपल लिए। लेकिन रिपाेर्ट नहीं आई। अब प्रहलादराम सुथार मेंगलोर के सफर पर है और उनके फोन पर सैंपल लेने का मैसेज आया है। जब सुथार का परिवार सफर कर रहा है तो यहां सैंपल किसने दिया।

स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों की लापरवाही के कारण बिना सैंपल दिए ही लोगों के फोन पर आ रहे हैं मैसेज

मुझे कोई जानकारी नहीं है, लैब वालों ने मैसेज सेंड नहीं किया, इस वजह से जानकारी नहीं दे पाए। लेबोरेट्री वालों से पता करके बताता हूं।
-शंभुराम गढ़वीर, सीएचसी प्रभारी चौहटन।

कोरोना सैम्पल की रिपोर्ट को लेकर मेरे को जानकारी नहीं है, इस बारे में आप सीएचसी प्रभारी से बात करें।
- रामजीवन विश्नोई, बीसीएमएचओ चौहटन।

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