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जन संकल्प से हारेगा कोरोना:एचआरसीटी स्काेर नौ; 10 दिन आईसीसीयू में भर्ती, अब स्वस्थ

बाड़मेरएक महीने पहले
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  • युवक बाेला; आंखों के सामने 19 मरीजों ने दम ताेड़ा, घबराया लेकिन डाॅ. शालू परिहार ने हौसला बढ़ाया

जिला अस्पताल के आईसीसीयू में काेराेना पाॅजिटिव, ऑक्सीजन सेचुरेशन 80, एचआरसीटी स्काेर 9 जाे इमरजेंसी में गंभीर हालात में लाने से चार दिन पहले करवाई गई। तुरंत भर्ती हाेने और इलाज व हिम्मत के बूते कोरोना को हराकर 30 वर्षीय युवक स्वस्थ हाेकर घर लाैटा। मरीज ने अपने आत्मविश्वास और हिम्मत से काेराेना काे हराया।

वार्ड में उसकी आंखों के सामने ही 19 मरीजों ने दम ताेड़ा। ऐसे में उसकी हिम्मत जवाब देती लेकिन डाॅ. शालू परिहार हमेशा कहती कि जल्दी ठीक हाे जाओगे। वार्ड के ड्यूटी डाॅक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ व उसके पिता उसका हौसला अफजाई करते। 26 अप्रैल की रात 11.49 बजे उसे इमरजेंसी में गंभीर हालत में लाया गया।

डॉक्टरों के इलाज के बाद उसे आईसीसीयू वार्ड के बेड नंबर दाे पर भर्ती किया। इलाज के दाैरान उसे दाे दिन बेन सर्किट, 6 दिन हाई फ्लाे मास्क तथा 3 दिन नेजल केन्यूला पर रखा गया। डॉक्टरों की ओर से लाइन अप ट्रीटमेंट जारी रखा गया। ऑक्सीजन सप्लाई भी 15 लीटर तक प्रति मिनट तक दी गई। एक दिन के ऑब्जर्वेशन में ऑक्सीजन मेंटेन करने पर उसे गुरुवार काे डिस्चार्ज किया।

आत्मविश्वास गिरता भी था, लेकिन डॉक्टर शालू परिहार बूस्ट अप से बढ़ातीं मनोबल

मुझे गंभीर अवस्था में लाया गया। वार्ड के बेड नंबर 2 पर भर्ती हाेने के बाद लगातार राेने की आवाजें ही सुनाई देती। मेरी आंखों के सामने ही 19 मरीजों ने दम ताेड़ दिया। 10 मरीज अभी भी बेड पर ही है। मनोबल गिरता भी था लेकिन इस दाैरान डाॅ. शालू परिहार मुझे अंगूठा दिखाती और मेरा मनोबल बढ़ाती। साथ ही नर्सिंग स्टाफ मुझे कहते थे कि रिकवरी रेट बहुत तेजी हाे बढ़ रही है। डाॅ. शालू परिहार काे मैं कभी नहीं भूल सकता। डाॅ. दिनेश परमार, वार्ड इंचार्ज सुभाष साेनी, श्याम सुंदर, जय किशन, घनश्याम शर्मा, भजन लाल विश्नाेई, राजू नामा, जाेगाराम सभी मेरे पास आकर मुझे हिम्मत देते। अस्पताल में सभी का सहयोग मिला। जिला अस्पताल का आभार जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध रही।- मुनित कुमार, सरदारपुरा, बाड़मेर

मरीज ने अपने मनोबल से काेराेना काे हराया। मरीज का लाइनअप ट्रीटमेंट डाॅ. शालू परिहार और मेरी ओर से किया गया। रेमडेसिविर के सभी डाेज दिए गए। एचआरसीटी रिपीट नहीं करवाई गई और इलाज शुरू किया गया। बेन सर्किट पर दाे दिन, 6 दिन हाई फ्लाे मास्क तथा 3 दिन नेजल केन्यूला पर रखा गया। मरीज के ऑक्सीजन मेंटेन करने व स्वस्थ हाेने पर डिस्चार्ज किया गया।- डाॅ. दिनेश परमार, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन जिला अस्पताल

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