माैसमी बीमारियाें के राेगियाें की संख्या बढ़ी:गत साल मार्च में थी 25413 ओपीडी, इस साल मार्च के 13 दिन में ही 23809 पार पहुंची

बाड़मेर8 महीने पहले
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बच्चाें में दस्त, उल्टी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ी - Dainik Bhaskar
बच्चाें में दस्त, उल्टी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ी
  • माैसम में आए बदलाव से जिला अस्पताल में मरीज बढ़े, अधिकांश बच्चे बीमार

गर्मी की दस्तक के साथ माैसमी बीमारियाें के राेगियाें की संख्या में गत वर्ष के मार्च से इन 13 दिन में तादाद दाेगुना हाे गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी तथा डाॅक्टराें के चेंबर के बाहर मरीजाें की कतारें सुबह से दाेपहर तक लगी है। वहीं एमसीएच विंग में शिशुराेग ओपीडी तीन गुना तक पहुंच गई है। बच्चाें में अधिकतर दस्त, बुखार, खांसी तथा जुकाम से संबंधित राेग के मरीज हैं।

जहां मार्च 2020 में कुल ओपीडी 25413 रही, वहीं इस माह के 13 दिन में ही ओपीडी 23809 के पार हाे गई है। इसी माह में शिशुराेग ओपीडी 2310 तक पहुंच गई है। इस माह में ही दिन व रात का तापांतर 16 डिग्री तक पहुंच गया है। दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री तथा रात का पारा 19 डिग्री तक हाेने से माैसमी बीमारियाें के मरीजाें की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकतर सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल तथा बदन दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं। बदलते माैसम के चलते लाेगाें काे सावधानी बरतनी हाेगी। एसी, फ्रिज तथा कूलर का उपयाेग फिलहाल न कर ही बीमारी से बचा जा सकता है।

बच्चाें में दस्त, उल्टी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ी
इधर, एमसीएच विंग स्थित लेबर रूम के बाहर अस्पताल प्रशासन की ओर से 10 बेड और बढ़ाए गए है। इसी माह में गायनिक ओपीडी भी अब तक 1905 तक हाे गई है। अस्पताल में प्रसूताओं की बढ़ती तादाद काे देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से लेबर रूम के पास वाले चैनल गेट काे बंद कर दिया गया है। लेबर रूम के बाहर स्थित बरामदे में सात बेड तथा काेविड के लिए बनाए गए लेबर रूम में तीन बेड की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं तथा स्त्री राेग से संबंधित महिलाओं के लिए यह व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें परेशानी न हाे। प्रसूताओं के साथ डीएनसी तथा हिस्टेरेक्टॉमी सहित अन्य रोग से संबंधित मरीजों के लिए बेड बढ़ाए गए है ताकि इन्हें ऑपरेशन के लिए यहीं से ओटी में शिफ्ट किया जा सके। एमसीएच विंग में प्रवेश के लिए अब एक ही गेट रखा गया है।

अस्पताल में खोले दो ऑफ लाइन ओपीडी काउंटर
मरीजाें की तादाद बढ़ने के साथ अस्पताल प्रशासन की ओर से दाे ऑफ लाइन ओपीडी काउंटर खाेले गए है। अस्पताल के पीएमओ डाॅ. बीएल मसूरिया का कहना है कि मार्च माह में अचानक मरीजाें की तादाद बढ़ने लगी है, ऐसे में कतारें लंबी हाेती देख ऑफ लाइन काउंटर खाेले जा रहे है। अस्पताल के न्यू टीचिंग बिल्डिंग तथा एमसीएच विंग में एक- एक काउंटर खाेला गया है।

बच्चाें की ओपीडी में तीन गुना बढ़ोतरी है। अधिकतर बच्चाें में दस्त व उल्टी की शिकायतें है। सर्दी, बुखार, जुकाम के मरीज भी बढ़े हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 90 से 100 मरीजाें काे देखा जा रहा हैं। बच्चें बाहर न घुमाएं, घराें में ही रहें। रात काे 12 बजे के बाद पंखा भी बंद कर दें।
- डाॅ. अमित शांडिल्य, असिस्टेंट प्राेफेसर, शिशु राेग विशेषज्ञ

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