• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Barmer
  • In View Of The Fear Of Third Wave Of Corona, Bhatiani Mata Temple Jasol Will Remain Closed From 18 To 20, Devotees Will Be Able To Visit Online

जसोल धाम के तीन दिन तक नहीं होंगे दर्शन:भादवा की तेरस से लेकर पूर्णिमा तक होने वाला मेला स्थगित, भक्तों के लिए आरती औैर दर्शन होंगे ऑनलाइन, 21 सितंबर को खुलेंगे दर्शन

बाड़मेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जसाेल माजीसा मंदिर। - Dainik Bhaskar
जसाेल माजीसा मंदिर।

लाखों लोगों की श्रद्धा के केंद्र जसोलधाम स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर के कपाट 18 से 20 सितंबर तक बंद रहेंगे।श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान के अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल ने बताया कि भादवा की तेरस से लेकर पूर्णिमा तक लाखों की संख्या में यहां लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। इससे पहले भी तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बाबा रामदेव मंदिर-रामदेवरा, उंडू काश्मीर, बिठूजा, खेमाबाबा बायतु, विरात्रा मंदिर बंद किए जा चुके हैं। ऐसे में राणी भटियाणी मंदिर जसेाल भी 18 से 20 सितंबर तक बंद रहेगा। ऐसे में भक्तों को घर बैठे ऑनलाइन आरती और दर्शन करवाए जाएंगे।

ऑनलाइन होंगे दर्शन

कोरोना की तीसरी लहर की आंशका को देखते हुए भाद्रपद त्रयोदशी के बड़े मेले को देखते हुए ट्रस्ट मंडल की ओर से लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना के तहत तीन दिन के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। ट्रस्ट ने माजीसा के भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर की वेवसाइट, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक के माध्यम से घर बैठे दर्शन और आरती के दर्शन करें।

मंदिर गेट एलईडी स्क्रीन पर दर्शन की सुविधा

मंदिर संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं को मंदिर के मुख्य गेट पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से माता राणी भटियाणी के दर्शन करवाएं जाएगें। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। त्रयोदशी के दिन जसोल मां की बड़ी आरती घर पर बैठे सभी श्रद्धालु की सुविधा के ऑनलाइन लाइव आरती का टेलीकॉस्ट 18 सितंबर शाम 7:30 से 8 बजे तक होगा।

लाखों की संख्या में श्रद्धालु करते थे दर्शन

हर वर्ष इन तीन दिनों में (भाद्रपद शुक्ल द्वादशी द्वादशी/त्रयोदशी से पूर्णिमा) देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते थे। लेकिन इस वर्ष कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये है।

21 से मंदिर खुलेंगे।

21 सितंबर से मंदिर सुबह 6 बजे से सायं 8 बजे तक खुल जाएगा। लेकिन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मास्क पहन कर, दो गज दूरी, सैनेटाइजर का उपयोग करने पर ही अंदर प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, प्रसाद, फूल मंदिर परिसर में लाना तथा बैठना, थूकना व किसी रेलिंग, दरवाजे आदि को छूना प्रतिबंध रहेगा।

खबरें और भी हैं...