कोरोना अपडेट:बढ़ रहा खतरा, 26 दिन बाद एक साथ 3 कोरोना पॉजिटिव मिले, एक्टिव केस आठ

बाड़मेर2 महीने पहले
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करीब 4 माह तक कोरोना शांत रहने के बाद अब एक बार फिर भड़कने लगा है। - Dainik Bhaskar
करीब 4 माह तक कोरोना शांत रहने के बाद अब एक बार फिर भड़कने लगा है।

देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट का संकट तेजी से फैल रहा है। बाड़मेर में भी इसका खतरा देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस वैरिएंट को लेकर बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए है। इधर, बाड़मेर में 26 दिन बाद एक ही दिन में 3 कोरोना पॉजिटिव केस आए है। ऐसे में अब एक्टिव केस का आंकड़ा 8 तक पहुंच गया। एक बार फिर कोरोना रोगियों की तादाद बढ़ने लगी है।

इसी से तीसरी लहर आने की संभावना जताते हुए लोगों को स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन की पालना करने के निर्देश दिए है। कोरोना वैक्सीन को लेकर भी लोग लापरवाह होते जा रहे हैं। अब तक प्रथम डोज लगा चुके 4 लाख ऐसे लोग भी है, जिनकी दूसरी डोज का भी समय हो गया है, लेकिन वैक्सीन नहीं लगा रहे हैं। बाड़मेर जिले में 79% लोगों ने पहली डोज ले ली है, जबकि सेकंड डोज सिर्फ 44% लोगों ने ही लगाई है।

करीब 4 माह तक कोरोना शांत रहने के बाद अब एक बार फिर भड़कने लगा है। देश-प्रदेश में जगह-जगह कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे की भी खबरें आ रही है। लगातार ओमिक्रॉन के रोगी भी सामने आ रहे है। बाड़मेर में भी दिसंबर के साथ ही कोरोना के इक्के-दुक्के केस से शुरूआत हुई और अब मंगलवार को एक ही दिन में 3 केस आए है। एक्टिव केस का आंकड़ा बढ़ कर 8 तक पहुंच गया है। ऐसे में तेजी से कोरोना वायरस फेल रहा है। इसको लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो चुका है।

वैक्सीनेशन: 19.60 लाख लोगों को लगनी थी वैक्सीन, अब तक 15.30 लाख ने ही पहली डोज लगाई

> 79% लोग वैक्सीन लगा चुके, 21% के टीके नहीं लगे
बाड़मेर की 19.60 लाख आबादी 18वर्ष से ऊपर की है। इन्हें सरकार की ओर से वैक्सीन के दोनों डोज निशुल्क लगाए जा रहे है। 16 जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक 15 लाख 30 हजार 547 लोग पहला टीका लगा चुके है। 4 लाख लोग ऐसे है, जिन्होंने अब तक एक भी टीका नहीं लगाया है।

> जिले में अब तक 44% ने ही लगाई दूसरी डोज, चार लाख लोग बाकी
जिले में 15.30 लाख लोग पहली डोज लगाई, लेकिन दूसरी डोज का आंकड़ा 8.56 लाख ही है। पहली डोज लगाने के बाद दूसरी डोज लगाने के लिए भी लोग नहीं आ रहे है। टीमें जब घर-घर पहुंच उन्हें टीका लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, लेकिन लोग टीका नहीं लगा रहे है। 4 लाख ऐसे लोग है, जो पहला टीका लगा चुके है और दूसरे टीके का समय भी हो गया, लेकिन दूसरा टीका नहीं लगा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है कि अब ऐसे लोगों का टीकाकरण कैसे करें।

> पहले टीकों का था संकट, अब 1.50 लाख डोज का है स्टॉक
देशभर में जब कोरोना की दूसरी लहर तांडव मचा रही थी, तब हर तरफ मौत का खौफ था तो लोग जान बचाने के लिए टीके का सहारा ले रहे थे, लेकिन उस समय टीके का संकट चल रहा था। अब कोरोना नहीं है, लेकिन टीके पर्याप्त मात्रा में स्टॉक में है, लेकिन लोग टीका लगाने के लिए नहीं आ रहे है। टीमें घर-घर जा रही है, फिर भी टीका नहीं लगा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास करीब डेढ़ लाख टीकों का स्टॉक पड़ा है।

भास्कर अपील: घबराए नहीं, सावधानी बरतें

कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइज और मास्क का उपयोग करें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने का प्रयास करें। स्वास्थ्य विभाग की कोरोना गाइडलाइन की पालना की जानी चाहिए।

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