जिला अस्पताल:घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपित 14 मरीज फॉलोअप पर, सभी बाेले इलाज से खुश

बाड़मेर16 दिन पहले
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जिला अस्पताल में फॉलोअप के लिए पहुंचे मरीज। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में फॉलोअप के लिए पहुंचे मरीज।

जोधपुर संभाग में जिला स्तर के अस्पतालों में काेराेना काल के बाद सबसे अधिक जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉक्टरों की ओर से 25 मरीजों के घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण के सफल ऑपरेशन किए गए। अस्पताल के अस्थि रोग विभाग की ओर से छह माह में 293 मरीजों के ऑपरेशन किए गए। कूल्हे तथा घुटने का प्रत्यारोपण (टाेटल हिप व नी रिप्लेस्मेंट) अस्थि राेग के सबसे बड़े और कांप्लीकेटेड ऑपरेशन है जो पिछले छह महीने से लगातार किए जा रहे है। इनमें घुटने के 15 व कूल्हा प्रत्यारोपण के 9 सफल ऑपरेशन किए।

अस्पताल में बाहरी जिलों के मरीज भी घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण के लिए पहुंच रहे है। अस्पताल के ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. सुरेंद्र चौधरी की ओर से मरीजों को फॉलोअप पर बुलाया गया। अस्पताल परिसर में जांच के लिए पहुंचे 14 मरीजों ने कहा कि अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें जीवनदान मिला है। अब हम अपने पैरों पर चलने में सक्षम है।

वहीं घुटना प्रत्यारोपण के लिए 2 मरीजों के ऑपरेशन बुक किए गए। ऑर्थोपेडिक टीम ने मरीजों की जांच कर फिजियोथेरेपी और व्यायाम के बारे में बताया। कुछ मरीजों को मेडिसिन दी गई। जिला अस्पताल में ऑपरेशन होने पर मरीजों ने खुशी जाहिर की। ऑर्थाे की सर्जरी के लिए अस्पताल से अब बहुत कम मरीज रेफर किए जा रहे है।

अस्पताल में घुटना व कूल्हे प्रत्यारोपण के निशुल्क ऑपरेशन चिरजीवी योजना के तहत निशुल्क किए जा रहे है। पहले जिले के लोगों को गुजरात व जयपुर की ओर ऑपरेशन के लिए जाना पड़ रहा था। अस्पताल विस्तार के साथ ऑर्थो विभाग में ऑपरेशन का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल में मरीजों की सभी प्रकार की ऑर्थो सर्जरी जारी है। ऐसे में ऑर्थो विभाग से मरीजों को बहुत ही कम रेफर किया जा रहा है।

जिला अस्पताल में तीन डॉक्टर की टीम कर रही हैं मरीजों के ऑपरेशन
अस्पताल में तीन डाॅक्टराें की टीम काेराेना काल के बाद लगातार ऑपरेशन में जुटी है। ऑर्थोपेडिक के विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्राेफेसर डाॅ. रमेश सारण, डाॅ. सुरेंद्र चाैधरी, असिस्टेंट प्राेफेसर डाॅ. सवाईसिंह राठाैड़, एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष डाॅ. मदनलाल शारदा, डाॅ. भीमराज सिंघवी, डाॅ. जगदीश कुमावत, डाॅ. महेंद्र चाैधरी ओटी इंचार्ज ओमप्रकाश, नर्सिंग स्टाफ जसवंत साेनी की ओर से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऑर्थाे वार्ड इंचार्ज विशनाराम जाटाेल, साेहनलाल वीहू, कमल माली, तीरथराज राठाैड़ वार्ड में मरीजाें की देखरेख कर रहे है।

भामाशाह कार्ड धारक के लिए निशुल्क ऑपरेशन
भामाशाह याेजना व मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा याेजना से जुड़े मरीजाें के ऑपरेशन निशुल्क हैं। अन्य घुटना प्रत्यारोपण मरीजाें से ऑर्थोपेडिक इंप्लांट (उपकरण) के लिए 50 हजार व कूल्हा प्रत्यारोपण के 70 हजार रुपए का खर्च जाे मरीज काे स्वयं व्यय पड़ रहा है लेकिन अस्पताल में चिरजीवी याेजना के तहत सभी निशुल्क ऑपरेशन किए गए। निजी अस्पतालों में इन ऑपरेशन के डेढ़ से दाे लाख रुपए लिए जाते हैं।

पांच साल से घुटनों के दर्द से परेशान बिस्तर पर थी। अब पैराें पर चला रही हूं। इसके लिए कई बार गुजरात के अस्पतालों के चक्कर लगाए। जिला अस्पताल में ही डाॅक्टर ने ऑपरेशन करवाने के लिए कहा और मैं तैयार हाे गई। निशुल्क ऑपरेशन किया गया। फॉलोअप के लिए आई हूं। - धाई देवी, ढाणी बाजार बाड़मेर।

तीन साल से घुटने के असहनीय दर्द काे झेल रहा था। जिला अस्पताल में चिरंजीवी बीमा याेजना के तहत निशुल्क ऑपरेशन हुआ। घुटने के ऑपरेशन के लिए जाेधपुर, सूरत व अहमदाबाद के चक्कर निकाले। जिला अस्पताल में हुए सफल ऑपरेशन से अब अपने पैराें पर चल रहा हूं। अस्पताल ने दुबारा से पैराें पर चलाया। -बाबूलाल जैन, भियाड़।

घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण ऑपरेशन में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है। काेराेना के बाद कूल्हे के 7 व घुटना प्रत्यारोपण के 13 ऑपरेशन किए गए। निजी अस्पतालों में घुटना व कूल्हे के ऑपरेशन पर डेढ़ से दाे लाख रुपए में किए जा रहे है। जिला अस्पताल में निशुल्क सुविधा मिल रही है। काेराेना काल के बाद एनेस्थेसिया टीम के सहयोग से ऑपरेशन जारी है। - डाॅ. सुरेंद्र चाैधरी, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, जिला अस्पताल

घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण के साथ पेल्विस के जटिल ऑपरेशन लगातार किए जा रहे हैं। जोधपुर संभाग में अस्पताल में सबसे अधिक घुटना प्रत्यारोपण के ऑपरेशन किए गए। अस्थि रोग विभाग की ओर से छह माह में 293 मरीजों के ऑपरेशन किए गए। चिरंजीवी बीमा याेजना के तहत ऑपरेशन निशुल्क किए जा रहे है। -डॉ. रमेश सारण, विभागाध्यक्ष ऑर्थाेपेडिक, जिला अस्पताल

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