दुल्हन ने विदाई के दूसरे दिन दी परीक्षा:एग्जाम सेंटर पर दुल्हन के वेश में पहुंची कुंता, सब ने की तारीफ

बाड़मेर5 महीने पहले
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हायर सेकेंडरी राणीगांव में अर्द्वपरीक्षा देती दुल्हन। - Dainik Bhaskar
हायर सेकेंडरी राणीगांव में अर्द्वपरीक्षा देती दुल्हन।

बालिकाएं जहां उच्च शिक्षा पाने लिए हर स्तर पर जूझ रही हैं वहीं पूनड़ो की बस्ती उडंखा गांव की बेटी कुंता मेघवाल (18) ने समाज के सामने बालिका शिक्षा की महत्ता पर बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। कुंता शादी के बाद विदाई के दूसरे दिन ही ससुराल से 80 किलोमीटर दूर राणीगांव हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की परीक्षा देने पहुंच गई। कुंता की 11 दिसंबर को शादी थी।

एग्जाम देने के बाद दोस्तों के साथ बाहर निकलती दुल्हन।
एग्जाम देने के बाद दोस्तों के साथ बाहर निकलती दुल्हन।

घोनिया चौहटन गांव से पंकज कुमार पुत्र शंकराराम की बारात 11 दिसंबर को पूनड़ो की बस्ती उडंखा गांव पहुंची। देर रात को सात फेरों के बंधन में बंधने के बाद कुंता मेघवाल का 12 दिसंबर की शाम को शादी की विभिन्न रस्में निभाने के बाद विदाई दी गई। रात को ससुराल घोनिया चौहटन पहुंची। दूसरे दिन सोमवार को ससुराल से 80 किलोमीटर दूर राणीगांव हायर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा देने पहुंच गई। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में दुल्हन के वेश में बालिका को देखकर एक बारगी सभी दंग रह गए। इसके बाद सभी ने बालिका के शिक्षा के प्रति लगाव को लेकर प्रशंसा की।

कुंता ने बताया कि एक बालिका के लिए शिक्षा कितनी ज़रुरी है इस बात को मैंने हमेशा याद रखा है। तभी शादी और विदाई के तुरंत बाद एग्जाम देने पहुंची हूं। मैं खुद टीचर बनना चाहती हूं। टीचर बनकर बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करूं। मेरे परिजनों ने मुझे हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया है।

उसके भाई जोगाराम मेघवाल ने बताया कि पिता का देहांत 2007 में हो गया था। पिता का सपना था कि कुंता पढ़कर कुछ बने। उसी सपने को पूरा करने के लिए मैं मजदूरी करने के साथ खुद भी प्राइवेट पढ़ता हूं और बहन को भी पढ़ाता हूं। कुंता ने 10वीं पास करने के बाद स्कूल छोड़ दिया, लेकिन एक साल के ब्रेक के बाद मेरे द्वारा समझाने के बाद कुंता ने फिर से पढ़ाई शुरू की थी।

हायर सेकेंडरी स्कूल प्रिंसिपल जयमाला भूत ने बताया कि बच्ची हमारी स्कूल की 12वीं क्लास की रेगुलर स्टूडेंट है। दुल्हन के वेश में अर्द्धवार्षिक एग्जाम देने के लिए आई थी। स्कूल रेकार्ड के हिसाब से बच्ची की उम्र 18 से ऊपर है।

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